इतिहास रचने वाला Gairsain | Budget2026 | Assembly Session | CM Dhami | Uttarakhand News

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उत्तराखंड के गैरसैंण में पहली बार ऐसा होगा कि पूरा देश इसे देखेगा! इतिहास रचने वाला ये पल, बजट सत्र के साथ नए अध्याय की शुरुआत लाएगा। आईये आपको बताता हूं कि कैसे सियासत केलिए हमेशा गैर रहा अपना गैरसैंण इस बार ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है। दोस्तो वैसे तो गैरसैंण नाम मात्र की ग्रीष्मकालीन राजधानी है। इस बात में कोई दौराय नहीं कि हमेशा गैरसैंण करने वाले लोग अकर कुछ ही दिन यहां बीताने का बाद ऊब जाते हैं। क्योंकि अपनी सियासत को देरहादून ही भारा है बल लेकिन दोस्तो उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र आगामी 9 मार्च से गैरसैंण में शुरू होगा. इस बार राज्यपाल का अभिभाषण और बजट एक ही दिन सदन में पेश कर सरकार नया संसदीय रिकॉर्ड बनाने जा रही है। दोस्तो उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 9 मार्च से शुरू होने जा रहे विधानसभा के बजट सत्र को लेकर संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने बड़ा बयान दिया है. कहते हैं कि ‘इस बार पहली बार ऐसा होगा, जब राज्यपाल का अभिभाषण और आम बजट एक ही दिन यानी 9 मार्च को सदन में पेश किया जाएगा।’ सरकार ने इसे जनभावनाओं का सम्मान बताते हुए ऐतिहासिक कदम करार दिया है।

संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल की मानें तो चुनावी साल को देखते हुए सरकार का फोकस इस बार ‘समर्पित बजट’ पर रहेगा। बजट में गरीब, युवा, महिलाओं और किसानों को केंद्र में रखा जाएगा. राज्य के युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की बात कही गई है। यहां दोस्तो आपको बता दूं कि इस बार जो कहा जा रहा है बजट को लेकर वो ये कि बजट में स्टार्टअप, स्वरोजगार योजनाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा. साथ ही पलायन रोकने, पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई घोषणाएं संभव हैं। यहां दोस्तो गौर करने वाली बात तो ये भी है कि उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र हर साल गैरसैंण में आयोजित किया जाता है, जिसे क्षेत्रीय संतुलन और पर्वतीय विकास की दृष्टि से अहम माना जाता है। इस बार राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद बजट पेश करने की रणनीति को सरकार समय प्रबंधन और विधायी कार्यों के बेहतर संचालन से भी जोड़कर देख रही है। इधर दोस्तो राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी साल में पेश होने वाला यह बजट सरकार के लिए अहम साबित हो सकता है. ऐसे में युवाओं के लिए कौशल विकास, महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजनाएं और किसानों के लिए सब्सिडी व बाजार समर्थन जैसे मुद्दे केंद्र में रह सकते हैं।

अब दोस्तो सभी की निगाहें 9 मार्च पर टिकी हैं, जब सदन में सरकार अपने विज़न और प्राथमिकताओं को बजट के माध्यम से प्रदेश के सामने रखेगी। इस बार गैरसैंण में 1.11 लाख करोड़ रुपए का बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा। जिस पर कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है लेकिन इधर उत्तराखंड विधानसभा बजट का सत्र आगामी 9 से 13 मार्च तक गैरसैंण में आयोजित किया जाएगा। ऐसे में जहां एक ओर शासन और विधानसभा स्तर से बजट सत्र की तैयारियां तेज हो गई है तो वहीं, दूसरी ओर राजनीतिक दलों ने सरकार को सड़क से लेकर सदन तक घेरने की रणनीति तैयार करने की जुट गई है। विपक्ष बिगड़ती कानून व्यवस्था, बदहाल स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, भ्रष्टाचार बेरोजगारी, मनरेगा कानून की पुनः बहाली और राजधानी गैरसैंण जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय व्यय को लेकर विधानसभा बजट सत्र का आयोजन उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैण विधानसभा भवन में किया जाना है जिसके लिए उत्तराखंड विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग की ओर से विधानसभा सचिव को तिथियां तय कर पत्र भेज दी गई है। ऐसे में विधानसभा बजट सत्र के इन तिथियों पर राज्यपाल की मंजूरी के लिए विधानसभा की ओर से लोकभवन पत्र भेजा गया है। जिस पर राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधानसभा सचिव की ओर से बजट सत्र आहूत करने संबंधित फाइनल तिथियों का ऐलान कर दिया जाएगा।

वहीं, दूसरी ओर बजट सत्र की तिथियों को लेकर प्रदेश में राजनीतिक घमासान शुरू हो गई है। दोस्तो किसी भी राज्य के लिए विधानसभा बजट सत्र काफी महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि, आगामी वित्तीय वर्ष के लिए आय व्यय पेश किया जाता है। साथ ही प्रदेश की तमाम ज्वलंत मुद्दों पर सदन में चर्चा किया जाता है. यही वजह है कि विपक्षी दल कांग्रेस लगातार सदन की कार्यवाही की ज्यादा दिनों तक चलाने की मांग कर रही है। ये सब इसलिए क्योंकि सदन के भीतर जनता से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण विषयों और ज्वलंत मुद्दों पर बेहतर ढंग से चर्चा किया जा सके। क्योंकि, जनता को अपने विधायकों से उम्मीदें होती है कि उनके क्षेत्र की समस्याओं को सदन के भीतर उठाया जाएगा, लेकिन ज्यादा दिन सदन की कार्यवाही न चलने की वजह से बेहतर ढंग से सदन के भीतर चर्चा नहीं हो पाती है. पिछले साल गैंरसैंण में क्यों नहीं हो पाया बजट सत्र? इस सवाल पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने अपना जवाब दिया। उनका कहना था कि इस बार बजट सत्र गैंरसैंण में आयोजित किया जा रहा है। क्योंकि, विधानसभा भवन का मेंटेनेंस कार्य पूरा हो चुका है. पिछली बार काम चल रहा था इसलिए वहां आहूत नहीं हो पाया।