उत्तराखंड चुनाव 2022: दूसरी बार सरकार बनाने का सपना देख रही भाजपा हरीश रावत और केजरीवाल के लिए बुन रही जाल

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विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का सपना देख रही प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए जाल बुन रही है।

प्रदेश में विधानसभा के चुनाव की तैयारियों की थाह लेने दिल्ली से देहरादून पहुंचे भाजपा के चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी और सह चुनाव प्रभारी सरदार आरपी सिंह ने शुक्रवार को कुछ ऐसे ही संकेत दिए। दोनों केंद्रीय नेताओं ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर हमला बोला और दोनों के निशाने पर कमोबेश हरीश रावत और केजरीवाल ही रहे।

दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन आम आदमी पार्टी ने उत्तराखंड विधानसभा की सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया था, सत्तारूढ़ भाजपा ने इसे बेहद हल्के ढंग से लिया। पार्टी ने आप को लगातार अंदाज करने की कोशिश की। लेकिन विधानसभा चुनाव की दृष्टि से पार्टी के स्तर पर कराए गए सर्वेक्षणों के नतीजों ने भाजपा को अपनी रणनीति पर नए सिरे से मंथन करने को मजबूर किया है।

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश में दो विरोधी नेताओं कांग्रेस के हरीश रावत और आप के केजरीवाल को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। सियासी जानकारों का मानना है कि कांग्रेस में हरीश रावत भाजपा के लिए बड़ी चुनौती हो सकते हैं।
कांग्रेस के भीतर सुलग रही खेमेबाजी को हवा देना चाहती है भाजपा
हालांकि माना यह भी जा रहा है कि भाजपा हरीश रावत को टारगेट करके कांग्रेस के भीतर सुलग रही खेमेबाजी को हवा देना चाहती है। इसे चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी के इस बयान से समझा जा सकता है, जिसमें उन्होंने कहा कि हरीश रावत के साथ प्रदेश अध्यक्ष के अलावा कोई नहीं है और पूरी पार्टी उनके खिलाफ है।

इधर, राजनीतिक कार्यक्रमों और सोशल मीडिया पर बयानबाजी के जरिये हरीश रावत लगातार सक्रियता बनाकर कांग्रेस में सबसे ज्यादा फुटेज लेने की कोशिश कर रहे हैं। अब रही बात आम आदमी पार्टी और उसके मुखिया दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तो वह अब दो बार आ चुके हैं।

दोनों बार उन्होंने घोषणाओं के धमाके किए, जिस पर सियासी बहस छिड़ गई। पहले दौरे में केजरीवाल ने 300 यूनिट फ्री बिजली का एलान किया तो कांग्रेस के हरीश रावत और भाजपा सरकार के ऊर्जा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को भी फ्री बिजली की घोषणा करनी पड़ी।