विधानसभा चुनाव को लेकर जनता का मन चाहे जो हो, लेकिन राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा से लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और तीसरी ताकत बनने को बेताब आम आदमी पार्टी सहित सभी दल इस बार परिवर्तन के नारे लगा रहे हैं। अमर उजाला ने सियासी दलों के परिवर्तन के नारों की पड़ताल की। पेश है ये रिपोर्ट…
1. मिथक तोड़कर नया परिवर्तन करना चाहती है भाजपा
विधानसभा में 57 सीटों के प्रचंड बहुमत के साथ सत्तारूढ़ भाजपा का परिवर्तन इस बार मिथक तोड़ने का है। सत्ता में भाजपा के बाद कांग्रेस और कांग्रेस के बाद भाजपा के आने के इस मिथक तोड़ने का ऐलान पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी भी कर गए हैं। भाजपा इस बार 60 से अधिक सीटों जीतने का भी दम भर रही है।
2. परिवर्तन यात्रा से सत्ता परिवर्तन चाहती है कांग्रेस
विधानसभा में अपने सबसे बुरे दौर का सामना कर रही कांग्रेस सत्ता परिवर्तन का ख्वाब देख रही है। सत्तारोधी रुझान की नाव पर सवार होकर वह चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है। इसके लिए उसने पूरे प्रदेश में परिवर्तन यात्रा शुरू की है। पार्टी के सभी दिग्गज नेता अपने-अपने गढ़ों में मोर्चों पर डट चुके हैं।
3. तीसरे विकल्प के लिए परिवर्तन चाहती है आप
विधानसभा चुनाव में अपनी पूरी शक्ति के साथ मैदान में कूदी आम आदमी पार्टी राज्य को नया विकल्प देने के लिए परिवर्तन चाहती है। दिल्ली सरकार के केजरीवाल मॉडल को आप ने अपना मुख्य हथियार बनाया है। सैन्य अफसर को कमान सौंपकर पार्टी अब रोजगार, शिक्षा, बिजली और पानी के बुनियादी मुद्दों पर परिवर्तन की राह बनाने की जद्दोजहद कर रही है।
4. वाम दलों का वजूद बचाने और ताकत टटोलने को परिवर्तन
विधानसभा चुनाव में महज उपस्थिति दर्ज करने वाली वामपंथी दलों की रणनीति में भी इस बार परिवर्तन है। तीन वामपंथी दलों मार्क्सवादी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने इस बार चुनाव से पहले हाथ मिला लिए हैं। तीनों ने मिलकर चुनावी जंग में उतरने का फैसला किया है।
5. चुनाव में यूकेडी भी लगा रही दम
तीसरा राजनीतिक ध्रुव बनने की दौड़ में क्षेत्रीय पार्टी उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) भी पूरी शक्ति लगाती दिख रही है। क्षेत्रीय मुद्दों के जरिये यूकेडी चुनावी सियासत में कुछ नया परिवर्तन करने का सपना देख रही है।
2017 विस चुनाव में कौन कहां था
दल सीटें वोट प्रतिशत
भाजपा 57 46.51
कांग्रेस 11 33.49
बसपा 0 7.04
सीपीआई 0 1.79
सीपीआई 0 0.92
यूकेडीडी 0 1.00
निर्दलीय 02 10.38
जनता को मथ रहे हैं ये मुद्दे
प्रदेश की जनता को रोजगार, महंगाई और विकास से जुड़े मुद्दे मथ रहे हैं। सियासी दलों ने इन मुद्दों को ही प्रमुखता से पकड़ा है। चुनावी घोषणा पत्र से पहले सियासी दलों की बिजली और पानी मुफ्त देने से लेकर रोजगार की गारंटी योजना के वादे सामने आ रहे हैं।
भाजपा सरकार ने साढ़े चार साल में अपने तकरीबन सभी वादे पूरे किए हैं। पार्टी के पक्ष में माहौल है। इस बार भाजपा मिथक को तोड़ेगी और 60 से अधिक सीटें जीतकर हम सत्ता में लौटेंगे।
-मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
भाजपा सरकार जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह से नाकाम रही है। चुनाव के समय कोरी घोषणाएं कीं जा रही हैं। लेकिन जनता मन बना चुकी है। राज्य में परिवर्तन होगा और कांग्रेस को जनता का पूरा समर्थन मिलेगा।