जी हां दोस्तो कातिल यार की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी पहले पीट-पीटकर मार डाला, फिर टैक्सी बुक कर 65 KM दूर रेत में दफनाया। जी हां दोस्तो पहले शराब की महफिल जमी फिर विवाद के बाद गुस्साए चार दोस्तों ने युवक की बल्ले से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद टैक्सी बुक की और 65 किलोमीटर हरिद्वार ले जाकर रेत में शव दफन कर दिया अब राज खुले तो हर कोई दंग रह गया। दोस्तो देहरादून के वसंत विहार क्षेत्र से लापता युवक की 4 दोस्तों ने नशे में हुए विवाद के बाद बेसबॉल बैट से हमला कर हत्या कर दी। फंसने के डर से हत्यारोपियों ने पहले टैक्सी बुक की और फिर लाश को हरिद्वार में रेत में दबाकर ठिकाने लगा दिया। पुलिस ने चिड़ियापुर से शव बरामद कर लिया है। पुलिस ने शव ठिकाने लगाने में मदद करने वाले टैक्सी चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चार मुख्य आरोपी फरार हैं। दोस्तो पुलिस के अनुसार, 11 फरवरी को संतराम धीमान निवासी शास्त्री नगर ने वसंत विहार थाने में तहरीर दी। बताया कि उनका बेटा 28 वर्षीय दिगंबर धीमान 9 फरवरी को घर से निकला था, लेकिन लौटा नहीं है। सूचना पर वसंत विहार पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। जांच के दौरान सामने आया कि दिगंबर धीमान के विरुद्ध थाना वसंत विहार पर पॉक्सो अधिनियम का केस दर्ज है।
दोस्तो संतराम से पूछताछ में बताया कि दिगंबर की 9 फरवरी को उक्त मुकदमे में कोर्ट में तारीख थी। वह कोर्ट आया था और कोर्ट में अगली तिथि मिलने पर उसने पिता को घर जाने के लिए कहते हुए कुछ समय पश्चात घर आने की बात कही थी। इसके बाद घर वापस नहीं आया। दोस्तो, पुलिस टीम द्वारा दिगंबर के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली। पता चला कि दिगंबर के कुछ अन्य दोस्त भी घरों से गायब हैं। सभी एक साथ बैठकर नशा करते थे। जांच में हेमंत सेमवाल के रेसकोर्स सी-ब्लाक स्थित कमरे से टैक्सी के माध्यम से साथ में जाने की जानकारी मिली। दोस्तो सीसीटीवी कैमरों से संदिग्ध टैक्सी के बारे में पता किया। मंगलवार को पुलिस ने संदिग्ध टैक्सी को तलाश कर चालक राजनन्दन पुत्र मनमोहन ठाकुर निवासी न्यू पटेलनगर को हिरासत में लिया। इसके बाद जो खुलासा हुआ है वो और भी चौकाने वाला है देखिए हुआ क्या बताया गया कि 9 फरवरी की रात में हेमंत सेमवाल और उसके अन्य साथी उसकी टैक्सी में एक युवक के शव को कंबल में लपेटकर ले गए थे। आरोपियों द्वारा चिड़ियापुर के जंगलों में शव को रेत में दबा दिया। देर रात उसकी टैक्सी से वापस देहरादून आ गए। रास्ते में आरोपियों द्वारा टैक्सी चालक को बताया कि शराब के नशे में विवाद हो गया था जिसके उनके द्वारा बेसबाल के बैट से दिगंबर के सिर पर हमला किया था। इसके बाद दिगंबर की मौत हो गई थी। दोस्तो इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि टैक्सी ड्राईवर की निशानदेही पर पुलिस द्वारा दिगंबर धीमान के शव को चिड़ियापुर के जंगल से बरामद किया गया। शव को छिपाने में संलिप्तता पाये जाने पर टैक्सी चालक राजनन्दन को गिरफ्तार कर लिया है। टैक्सी को कब्जे में लिया है।
इसके अलावा दोस्तो रेसकोर्स के सी ब्लॉक के कमरे में खूनी वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के 9वें दिन हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया। आरोपियों ने फंसने के डर से शव को 65 किलोमीटर दूर रेत में दबा दिया लेकिन रेसकोर्स में कमरे में मिले खून के धब्बों ने दिगंबर की गुमशुदगी और हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा दिया। दोस्तो मंगलवार को वसंत विहार और नेहरू कालोनी पुलिस की टीम रेसकोर्स स्थित घटनास्थल पर पहुंची। इस कमरे में 9 फरवरी को दिगंबर भी पहुंचा था जहां चार दोस्त भी मौजूद थे। करीब 8 बजे शराब के नशे में दिगंबर और उसके दोस्तों के बीच विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ा कि चार दोस्तों ने दिगंबर के सिर पर बैसबॉल बैट से हमला कर दिया था। इस घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस भी चौंक गई। टैक्सी चालक से पूछताछ के बाद पुलिस हत्यावाली जगह पहुंची। कमरे में पुलिस को खून के धब्बे मिले। दिगंबर के शरीर से निकले खून के छींटे कमरे में मौजूद थे। मौके से पुलिस ने पेचकस, मोबाइल भी बरामद किया है। फोरेंसिंक टीम ने मौके से फोटो खीचें हैं।
इसके अलावा ये भी जानकारी की दिगंबर धीमान के खिलाफ वर्ष 2021 में नाबालिग से यौन उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में दिगंबर धीमान को जमानत भी मिल गई थी। 9 फरवरी को उसकी पॉक्सो कोर्ट में उसकी पेशी थी। ऐसे में वह अपने पिता के साथ कोर्ट गया था। शाम को उसने अपने पिता को घर भेज दिया और खुद अपने दोस्तों के साथ नेहरू कालोनी क्षेत्र में पार्टी करने चला गया। रात के समय उसकी अपने चार अन्य दोस्तों के साथ बहस हो गई, जहां एक ने उसके सिर पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया। दिगंबर की वहीं मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने टैक्सी बुक कर लाश को हरिद्वार क्षेत्र में ठिकाने लगा दिया। इस दर्दनाक और चौकाने वाले मामले ने नशे और युवा झगड़ों की हकीकत को सामने ला दिया है। पुलिस की तत्परता और खोजबीन के कारण हत्याकांड का खुलासा केवल 9 दिन में हो सका। हालांकि चार मुख्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। यह घटना परिवार और समाज के लिए चेतावनी है कि शराब और झगड़ों के नकारात्मक प्रभाव कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और न्याय पाने के लिए सभी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।