दोस्तो श्रीनगर- पौड़ी में चित अब जोशीमठ में गुंडागर्दी.. जी हां दोस्तो श्रीनगर और पौड़ी के रण में चारों खाने चित होने के बाद, क्या अब बीजेपी की छात्र इकाई ABVP उत्तराखंड में सरेआम गुंडागर्दी पर उतर आई है? जोशीमठ डिग्री कॉलेज से आई एक खौफनाक खबर ने पूरे देवभूमि के कलेजे को कंपा दिया है। NSUI की महासचिव पद की प्रत्याशी ने कैमरे पर रोते हुए वो सच उगला है जिसे सुनकर आपका खून खौल उठेगा— ‘तू जहां भी मिलेगी, हम तुझे वहीं मारेंगे!’ क्या छात्र राजनीति अब जंग का मैदान बन चुकी है? हार के इसी खौफ में छात्रों के सीधे-साधे मां-बाप को फोन पर धमकाया जा रहा है कि अपने बच्चों को चुनाव से दूर रखो! दोस्तो आज बात खुलेआम चुनौती की, जहां सत्ता के रसूखदार क्या गढ़वाल यूनिवर्सिटी में मिली करारी शिकस्त की बौखलाहट में गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। दोस्तो आज के युवाओं के सियासी नर्सरी में ये हाल है तो भी आगे तो क्या कहना भगवान ही बचाएंगे देवभूमि को। दोस्तो बिना लाग लपेट के पहले आप ये, और क्या बोला जा रहा है उसको समझने की कोशिश कीजिएगा।
दोस्तो उत्तराखंड के शांत पहाड़ों में अब छात्र राजनीति के नाम पर खूनी खेल शुरू हो चुका है? क्या चुनाव जीतने के लिए अब छात्र संगठनों के बड़े सूरमा बेटियों को सरेआम ‘जान से मारने’ की धमकियां दे रहे हैं? अभी दो दिन भी नहीं बीते जब पौड़ी और श्रीनगर गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI और अन्य छात्र संगठनों ने बीजेपी की छात्र इकाई ABVP को चारों खाने चित कर दिया था! इस ऐतिहासिक और करारी हार के बाद पूरे उत्तराखंड में हड़कंप मचा ही था कि अब जोशीमठ डिग्री कॉलेज से एक ऐसी खौफनाक खबर सामने आई है, जिसने देवभूमि को शर्मसार कर दिया है! जोशीमठ कॉलेज में NSUI की तरफ से महासचिव पद की दावेदार भूमिका ने सरेआम कैमरे पर रोते हुए आरोप लगाया है कि ABVP के लोग उन्हें धमकी दे रहे हैं कि— ‘तू जहां भी मिलेगी, हम तुझे वहीं मारेंगे!’ क्या यह छात्र राजनीति है या खुलेआम गुंडागर्दी? आज सत्ता के संरक्षण में पल रहे इन गुंडों से तीखे सवाल पूछने का वक्त आ गया है!– दोस्तो ये सब क्या इसलिए हो रहा है कि श्रीनगर गढवाल विश्वविद्य़ाल में कुछ ऐसी तस्वीर थी जहां एवीवीपी को करारी हार का मामला करना पड़ा, ये वो खीज हैं। यहां पौड़ी जश्न वाले वीडियो लगा देना– दोस्तो ये तस्वीर बानगी भर बताई गई थी। अब जैसा जोशीमठ में एक छात्रा ने आरोप लगाएं हैं और सिस्टम से कार्रवाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है, इसने बड़े सवाल खड़े किये हैं।
दोस्तो इतना भर नहीं है, पहले इस पूरे मामले की कड़ियों को समझो। जोशीमठ डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव का बिगुल बज चुका है। लोकतांत्रिक तरीके से पर्चे भरे जा रहे थे, लेकिन अचानक सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आता है और हड़कंप मच जाता है। आरोप है कि चुनाव में अपनी जमीन खिसकती देख ABVP के नेताओं ने विरोधी गुट के छात्रों को चुनाव न लड़ने के लिए कथित तौर पर धमकाना और उन पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया है। दोस्तो हद तो तब हो गई जब छात्रों के सीधे-साधे पहाड़ी परिजनों से फोन पर संपर्क किया गया! उनके माता-पिता को फोन कर-करके डराया गया कि वे अपने बच्चों को चुनाव से दूर रखें, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें! और इसी बीच सामने आता है महासचिव पद की दावेदार भूमिका का बयान, जो कहती हैं कि उन्हें सरेआम जान से मारने की धमकी दी जा रही है। सवाल उठता है कि एक छात्रा को इस कदर डराने की हिम्मत इन कथित छात्र नेताओं में आई कहां से? दोस्तो श्रीनगर और पौड़ी में ‘चारों खाने चित’ होने का गुस्सा?”इस खौफनाक विवाद की टाइमिंग को जरा गौर से देखिए! यह बवाल ठीक तब शुरू हुआ है जब उत्तराखंड की छात्र राजनीति का गढ़ माने जाने वाले हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय (HNBGU) के श्रीनगर और पौड़ी कैंपस के नतीजे सामने आए हैं।
वहीं दोस्तो इससे पहले पौड़ी कैंपस में NSUI के आयुष थपलियाल ने अध्यक्ष पद पर और मयंक बहुगुणा ने सचिव पद पर ABVP को भारी मतों के अंतर से पटखनी दी है। श्रीनगर के बिड़ला कैंपस में भी जय हो छात्र संगठन के हिमांशु भंडारी ने ABVP के भुवन चमोली को रिकॉर्ड 1500 से ज्यादा वोटों से हराकर अध्यक्ष की कुर्सी छीन ली! दोस्तो सोचिए, जिस पौड़ी जिले में भारतीय जनता पार्टी के सभी 6 विधायक और खुद शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का मजबूत होल्ड है, वहां उन्हीं की छात्र इकाई ABVP को छात्रों ने सिरे से नकार दिया! इस करारी हार से जो हड़कंप देहरादून से लेकर दिल्ली तक मचा, क्या उसी हार की बौखलाहट और डर अब जोशीमठ के छोटे से कॉलेज में गुंडागर्दी के रूप में बाहर आ रहा है? दोस्तो इससे पहले कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व के साथ ही केंद्रीय नेतृत्व ने ने गढ़वाल यूनिवर्सिटी के इन नतीजों को बीजेपी की ‘जनविरोधी नीतियों’ के खिलाफ युवाओं का गुस्सा बताया, लेकिन इस राजनीतिक नफा-नुकसान से परे, सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा का है।
उत्तराखंड की शांत वादियों में, जहां लड़कियां खुद को सबसे सुरक्षित महसूस करती हैं, वहां एक कॉलेज की छात्रा कैमरे पर आकर रो-रोकर अपनी जान की भीख मांग रही है! क्या चमोली पुलिस और उत्तराखंड का गृह विभाग सो रहा है? जब सरेआम एक छात्रा को ‘जहां मिलेगी वहीं मारने’ का फरमान सुनाया जा रहा है, तो पुलिस ने अब तक इन तथाकथित नेताओं को घसीटकर सलाखों के पीछे क्यों नहीं डाला? दोस्तो चुनाव हारना या जीतना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हार के डर से किसी बेटी को डराना, छात्रों के परिवारों को धमकाना, यह कायरता की पराकाष्ठा है! जोशीमठ कॉलेज प्रशासन और स्थानीय प्रशासन को तुरंत इस वीडियो और इन आरोपों पर संज्ञान लेना होगा। अगर चुनाव निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में नहीं हो सकते, तो ऐसे छात्रसंघ चुनावों का कोई औचित्य नहीं है। धामी सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि देवभूमि के कॉलेजों को अपराधियों का अड्डा न बनने दिया जाए! आप क्या सोचते हैं, क्या गढ़वाल की हार ने ABVP को बौखला दिया है? कमेंट करके अपनी राय जरूर दें!