जोशीमठ: खतरे में 15 मकान, नीचे खिसक रही विशाल चट्टान व बोल्‍डर..रोकने को लगाए लोहे के पाइप

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उत्तराखंड के जोशीमठ में मकानों और सड़कों पर आ रही दरार का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। यहां कई सारे जगहों पर फिर से ताजा दरारें उभर आई हैं। इसी कड़ी में एक और संकट सिंहधार वार्ड में और सुनील गांव में बना हुआ है। सिंहधार वार्ड और सुनील गांव में नीचे खिसक रही भारी-भरकम शिला व बोल्‍डरों ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी। हालांकि, 20-22 फीट ऊंची और 10-12 फीट चौड़ी इस शिला को खिसकने से रोकने के लिए सीबीआरआइ रुड़की की तकनीकी टीम की सलाह पर लोनिवि ने उसके निचले हिस्से में लोहे के पाइपों की टेक लगाई हुई है। लेकिन, शिला के आसपास लगातार भूधंसाव के कारण स्थानीय निवासी इसे सुरक्षित नहीं मान रहे। इस शिला के नीचे एक किमी के दायरे में गिरसी व रामकलूड़ा मोहल्ले के साथ ही जेपी कालोनी व मारवाड़ी की बड़ी आबादी निवास करती है। जिसकी सुरक्षा के लिए अभी तक किसी भी तरह की पहल नहीं हुई है।

जोशीमठ का सिंहधार वार्ड आपदाग्रस्त घोषित है। यहां भूधंसाव के चलते दरार लगातार बढ़ रही हैं और 156 भवनों पर लाल निशान लग चुके हैं। इनमें से 98 खतरनाक की श्रेणी में हैं। यहां रहने वाले सभी परिवार अपने पुश्तैनी घर छोड़कर राहत शिविर या अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। अब यहां एक भारी-भरकम शिला आबादी की ओर झुक गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिला का निचला हिस्सा धंसने से यह तिरछी हो गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है शिला पर टेक लगाकर प्रशासन व लोनिवि अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो गए हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाए गए। जबकि, सिंहधार वार्ड पूरी तरह असुरक्षित घोषित है और यहां लगातार जमीन दरक रही है। ऐसी स्थिति में अगर शिला खिसकी तो अनहोनी घट सकती है।