देहरादून के इस डाक्‍टर ने पेश की मिसाल, पहले मरीज को ब्लड किया डोनेट..फिर ऑपरेशन कर बचाई जान

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देहरादून: चिकित्सकों को धरती का भगवान यूं ही नहीं कहा जाता। कई दफा वह अपनी ‘सीमा’ से अधिक भी मरीजों के लिए ऐसा कुछ कर जाते हैं, जो मिसाल बन जाता है। ऐसा ही कुछ किया दून मेडिकल कालेज अस्पताल के सीनियर रेजीडेंट डा. शशांक सिंह ने। उन्होंने पहले मरीज को एक यूनिट खून दिया। इसके बाद जांघ की कई जगह से टूटी हड्डी का ऑपरेशन किया।

वैसे तो सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों के व्यवहार और इलाज को लेकर मरीज के तीमारदार आमतौर पर शिकायतें करते हैं। लेकिन, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपैडिक डॉक्टर शशांक सिंह ने ऑपरेशन से पहले मरीज को खून देकर यह साबित किया कि मरीज के प्रति डॉक्टर कितने गंभीर होते हैं। मरीज की छाती में गंभीर चोट थी। साथ ही बायें हाथ और जांघ की हड्डी दो जगह से टूटी हुई थी।

मरीज को तीन दिन तक आइसीयू में रखा गया। जिसके बाद उनकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ। इसके बाद चिकित्सकों ने उनकी जांघ की हड्डी का आपरेशन करने का निर्णय लिया, लेकिन मरीज के शरीर में खून की कमी होने के कारण आपरेशन नहीं हो पा रहा था। मरीज की बेटी ने खून देने की कोशिश की, पर कुछ समस्या होने के कारण वह खून नहीं दे पाई। अन्य जानने वालों से भी खून नहीं मिल सका। यह बात जब मरीज का उपचार कर रहे डा. शशांक सिंह को पता चली तो उन्होंने खुद मरीज को खून देने का फैसला किया। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने डॉ. शशांक सिंह और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मरीज के प्रति इस तरह की भावना प्रत्येक डॉक्टर व कर्मचारियों में होनी चाहिए।