डीजल आटो-विक्रम पर रोक के विरोध में इस तारीख को विधानसभा का घेराव करेंगे वाहन संचालक

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देहरादून: दून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की व विकासनगर में डीजल चालित आटो-विक्रम पर प्रतिबंध के विरोध में वाहन संचालकों ने 29 नवंबर को विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है। कहा कि अगर परिवहन विभाग ने अपना फैसला वापस न लिया तो वाहन संचालक हड़ताल पर चले जाएंगे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के क्रम में संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में डीजल चालित आटो-विक्रम पर प्रतिबंध का निर्णय लिया गया था। गत एक नवंबर को हुई बैठक के निर्णय जब पिछले सप्ताह सार्वजनिक हुए तो पता चला कि दस साल से ऊपर के डीजल चालित आटो व विक्रम 31 मार्च-2023 के बाद जबकि दस साल से कम आयु वाले डीजल चालित आटो व विक्रम 31 दिसंबर-2023 के बाद प्रतिबंध के दायरे में आ जाएंगे।

इनके बदले विभाग ने सीएनजी, बीएस-6 पेट्रोल या इलेक्ट्रिक वाहन चलाने के आदेश दिए हैं। विक्रम के बदले सीएनजी, बीएस-6 पेट्रोल, इलेक्ट्रिक चौपहिया वाहन चलेंगे और इन्हें बाकायदा स्टेज कैरिज परमिट देकर निर्धारित मार्गों पर चलाया जाएगा। वहीं, आटो पुरानी व्यवस्था के तहत कांट्रेक्ट कैरिज परमिट पर सड़कों पर चलते रहेंगे, बस शर्त है कि वह डीजल पर न हों। ट्रांसपोर्टर लगातार इसका विरोध कर रहे। उन्होंने कहा कि आरटीए ने दस साल या इससे पुराने ऑटो-रिक्शा और विक्रम वाहनों को मार्च 2023 और बाकी बचे वाहनों को दिसंबर 2023 तक सड़क से बाहर करने का फैसला लिया है। यह फैसला न्यायोचित नहीं हैं।