माइनस छह डिग्री तापमान में कई किमी पैदल चलने से उनका सब्र जवाब देने लगा है। दो दिन से खाने के लिए केवल चिप्स और पानी की ही व्यवस्था हो पाई है। रुड़की के आर्यन चौधरी यूक्रेन की अलीव इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। युद्ध छिड़ने के बाद अन्य छात्रों की ही तरह वह भी यूक्रेन में फंसे हैं।
भारतीय दूतावास से नहीं था कोई अधिकारी मौजूद
इसके बाद सभी छात्र कई किमी पैदल चल किसी तरह बॉर्डर पहुंचे। आर्यन के पिता का कहना है कि वहां भारतीय दूतावास से कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। पोलैंड के अधिकारियों ने कोई सूचना नहीं होने के चलते उन्हें लौटने के लिए कह दिया। आर्यन के मुताबिक, इसी बीच भारतीय दूतावास से दूसरा मैसेज आया।
सरकार से छात्रों की मदद की अपील की
उन्होंने बताया कि दो दिन से खाने के लिए केवल चिप्स और पानी ही मिला है। छात्रों के पास नकदी का भी अभाव है। सभी के पास जितनी नकदी है, उसी से मिलजुलकर काम चला रहे हैं। वहीं, अब हॉस्टल में खाने की दिक्कत होने लगी है। अजय ने भारत सरकार से छात्रों की मदद की अपील की है।