जी हां दोस्तो अंकिता केस में वीआईपी की एंट्री के बाद जहां जांच की मांग तेज हो रही है। वहीं इस पर सरकार के फैसले का अभी भी इंतजार है, लेकिन अब बड़ी खबर ये आ रही है कि इस पूरे मामले को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट की वकील उठाने जा रही हैं। Ankita Bhandari Murder Case यानि मामला सुप्रीम दर पर पहुंचेगा ये कहने में कोई भी शंका नहीं होनी चाहिए, लेकिन कौन है वो सुप्रीम कोर्ट की वकील जिससे उठाया बड़ा कदम कर दिया अंकिता की लड़ाई लड़ने का ऐलान और क्या अब सीधे कोर्ट से होगा फैसला। न्याज की मांग एक बीच अंकिता भंडारी मामले में नया मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट की वकील के ऐलान की चर्चा भी अब खूब हो रही है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की वकील का कहना ये है कि इस मामले की जांच फिर से होनी चाहिए। अब सुप्रीम कोर्ट की वकील खुद अदालत में लड़ेंगी यह लड़ाई। क्या इस कदम से उत्तराखंड की बेटी को मिलेगा न्याय?दोस्तो देश में कई चर्चित महिला यौन हिंसा प्रकरणों के खिलाफ पहाड़ बनकर खड़ी रहने वाली योगिता भयाना की बात में कर रहा हूं। जो देहरादून पहुंची, देहरादून में उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। दोस्तो योगिता भयाना एक जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
जैसा की दगड़िओ उत्तराखंड का चर्चित अंकिता हत्याकांड एक बार फिर से देश के लिए बड़ा मुद्दा बन गया है। यही कारण है कि देश के नामी सामाजिक संगठन भी अब अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ते हुए नजर आ रहे हैं, जिसमें एक योगिता भयाना भी हैं। योगिता भयाना भारत में रेप विक्टिम को न्याय दिलाने की काम करती हैं। इसके लिए बकायदा वो एक अभियान ‘PARI’ (People Against Rape in India) चलाती हैं। हाल ही में उन्नाव रेप केस को लेकर बड़ा आंदोलन किया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका भी रद्द कर दी थी। अब योगिता भयाना ने अंकिता भंडारी को इंसाफ दिलाने का बीड़ा उठाया है। दोस्तो देहरादून पहुंची योगिता भयाना ने उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में सामने आए नए खुलासों पर सरकार से सीबीआई जांच की मांग की हैं। योगिता भयाना ने कहा कि उनके देहरादून आने का मकसद अंकिता हत्याकांड में सामने आ रही नई जानकारी को लेकर सरकार को आगाह करना है। योगिता भयाना ने कहा कि आज समाज और मीडिया में अंकिता हत्याकांड से जुड़ी कई नई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं, फिर भी सरकार इस मामले पर मौन बनी हुई है, जबकि सरकार को इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। जिस तरह से लगातार उर्मिला सनावर चीख-चीखकर इस मामले में नए-नए खुलासे कर रही हैं, उसको लेकर सरकार को गंभीर होने की जरूरत है। उर्मिला सनावर के आरोपों की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
इसके अलावा योगिता भयाना ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कई खुलासे करने वाली उर्मिला सनावर का भी कुछ पता नहीं चल पा रहा है. उर्मिला सनावर की गुमशुदगी को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे है। सरकार को बताना चाहिए कि आखिर उर्मिला सनावर कहां है? उनके फेसबुक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं। इस तरह से एक बेटी को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने वाली उर्मिला सनावर की आवाज को क्यों दबाया जा रहा है? इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए और यदि सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई करने में असमर्थ है तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में जिस तरह से बड़े नेताओं का नाम सामने आया है, उन तथ्यों की भी जांच होनी चाहिए। वो खुद इस पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रही हैं। अगर जरूरत पड़ी तो इस मामले को भी वो सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएगी.बता दें कि, योगिता भयाना वही सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने दिल्ली में हुए जघन्य निर्भया हत्याकांड से लेकर उन्नाव रेप कांड में भी कोर्ट में याचिका दायर कर अपराधियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। योगिता भयाना अब अंकिता हत्याकांड के अलावा एक और बेटी की भी लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि वो लगातार देश में महिलाओं के साथ हो रहे यौन हिंसा के खिलाफ लड़ती रहेगी। जिस तरह से सत्ता के करीबियों को उनके रसूक के चलते बचाया जाता है उसे खिलाफ भी लगातार लड़ाई लड़ती रहेगी।