उत्तराखंड में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर होगी सीधे जेल, प्रशासन के सख्त निर्देश

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उत्तराखंड में जहां कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद है तो वहीं घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं की भी गैस एजेंसियों के सामने लंबी-लंबी लाइन देखने को मिल रही हैं, जिससे प्रदेश में गैस सिलेंडर को लेकर पैनिक सिचुएशन क्रिएट हो गई है हालांकि सरकार की तरफ से भरोसा दिया गया है कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। Uttarakhand Gas Cylinder Crisis मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी पेट्रोल, डीजल या गैस को लेकर कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए। अगर कहीं भी इस तरह की शिकायत मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। राज्य में पिछले तीन दिनों यानी 10 मार्च से 12 मार्च के दौरान तमाम जिलों में कुल 280 निरीक्षण किए गए। निरीक्षण के दौरान कुल 58 स्थानों पर छापे मारे की कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान अवैध भंडारण और दुरुपयोग के मामलों में 74 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं साथ ही 4 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। दरअसल, ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध की वजह से जनता में एक पैनिक का माहौल है। हालांकि कुछ सर्वर इश्यू होने की वजह से भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। बावजूद इसके जनता पैनिक की वजह से गैस भरवाने के लिए गैस एजेंसी पहुंच रहे हैं। जबकि वर्तमान समय में गैस की कोई किल्लत नहीं है।