उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक चार लाख 44 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। यह कहना है संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल का। Chardham Yatra Registration उन्होंने कहा, सरकार यात्रा में आने से किसी यात्री को नहीं रोकेगी। साल 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में ऐसा उत्साह है कि पंजीकरण के पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। जैसे ही यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन विंडो खुले वैसे ही भक्तों ने भारी संख्या में आवेदन करने शुरू कर दिए। कह सकते हैं कि उत्तराखंड के हिमालयी धामों- बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा के लिए भक्तों ने रजिस्ट्रेशन में नया इतिहास रच दिया है। चारधाम यात्रा इस साल 19 अप्रैल 2026 को शुरू होने वाली है। यात्रा को लेकर राज्य सरकार ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। 6 मार्च से भक्तों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चालू है।
यात्रा को 24 घंटे के लिए न खोलकर सुबह चार से रात नौ बजे तक खोला जाए। विधायक विक्रम सिंह नेगी ने भी चारधाम यात्रा के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा, यात्रियों की संख्या निर्धारित न की जाए। इस पर संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा को लेकर सरकार संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में यात्रियों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। यात्रियों के रजिस्ट्रेशन के पीछे सरकार की यह मंशा है कि इससे यात्रा व्यवस्थित होगी। यात्रियों के बारे में जानकारी होने से दुर्भाग्य से यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसके बारे में सूचना प्राप्त की जा सकती है। संसदीय कार्यमंत्री ने कहा, चारधाम यात्रा को लेकर सभी सुविधाएं 31 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी। पेयजल के लिए जल संस्थान और सड़कों को लेकर सीमा सड़क संगठन को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। सरकार पूरी यात्रा को व्यवस्थित बनाने और कूड़ा प्रबंधन को लेकर गंभीर है।