जी हां दोस्तो अंधविश्वास और जिन्न का खौफ फिर करोड़ों की ठगी वैसे आपने कई तरह के ठग देखे होंगे लेकिन इस कहानी में हैरत और डर दोनों है। एक शख्स ने लोगों के अंधविश्वास और “जिन्न पैसे डबल कर देता है” के डर का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर डाली। सोचिए, जिन्न का खौफ और पैसा दोगुना करने का लालच कैसे बन गया इस बड़े फ्रॉड का हथियार कितने लोग फंसे, किस-किस की नकदी हड़पी गई, और इस घोटाले के पीछे कौन था mastermind। मैरी इस रिपोर्ट में चौंकाने वाली कहानी को जिसमें अंधविश्वास और लालच ने करोड़ों का खेल। दोस्तो उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में अंधविश्वास के सहारे चल रहे करोड़ों के ठगी रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ‘जिन्नात’ के नाम पर पैसे दोगुने करने का लालच देकर भोले-भाले लोगों से ठगी की जा रही थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले की जांच शुरू की है। वैसे दोस्तो कहीं-कहीं अंधविश्वास आज भी समाज के एक हिस्से को जकड़े हुए है। इसका उदाहरण उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में देखने को मिला. यहां ‘जिन्न’ यानी अदृश्य शक्तियों के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। इस पूरे खेल का खुलासा पुलिस ने किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया तो सब हैरान रह गए। दोस्तो मामला उस समय सामने आया, जब बांसखेड़ा के रहने वाले शकील अहमद ने कोतवाली आईटीआई में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि गांव के ही कुछ लोग सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, शफीक अहमद और मोहम्मद आरिफ लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि कादरी पर ‘जिन्नात’ आता है, जो पैसे को दोगुना कर देता है। इसी झांसे में आकर ग्रामीणों ने अपनी मेहनत की कमाई इन आरोपियों को सौंप दी। अब मामला पुलिस के पास पहंचा तो जांच में पता चला कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से इस ठगी को अंजाम दिया। करीब एक साल पहले गांव में आयोजित एक जलसे में सरताज अली ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था। इस दौरान उसने अपने भाषणों से लोगों को प्रभावित किया और धीरे-धीरे अपनी ‘स्कीमों’ का प्रचार शुरू कर दिया।
दोस्तो इन स्कीमों में अलग-अलग वर्ग के लोगों को निशाना बनाया गया। जैसे 15,500 रुपये प्रतिमाह जमा करने पर 40 दिन बाद 20,000 रुपये प्रतिमाह लौटाने का वादा, मजदूरों के लिए 25,500 रुपये की योजना, विधवाओं के लिए 6,500 रुपये की योजना और बच्चियों के नाम पर 12,500 रुपये की योजना चलाई जा रही थी। दोस्तो इन योजनाओं को इस तरह पेश किया गया कि लोगों को ये कोई धार्मिक या चमत्कारी प्रक्रिया लगे। इतना ही नहीं, आरोपियों के सहयोगियों ने गांव-गांव जाकर प्रचार किया कि जो लोग जुड़े हैं, उनके पास ‘जिन्नात’ की वजह से लगातार पैसा आ रहा है। यह भी दावा किया गया कि कई लोगों ने इस पैसे से प्लॉट, मकान और महंगी गाड़ियां खरीद ली हैं। इस तरह का माहौल बनाकर भोले-भाले और अशिक्षित ग्रामीणों को जाल में फंसाया गया। इधर दोस्तो जैसे-जैसे लोगों का भरोसा बढ़ता गया, वैसे-वैसे आरोपियों के पास पैसे का अंबार लगने लगा। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। जब कुछ लोगों को संदेह हुआ और उन्होंने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। दोस्तो मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। केस दर्ज होने के बाद आरोपी अपने घरों में ताला लगाकर फरार हो गए और पड़ोसी राज्य में छिप गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया। आखिरकार पुलिस ने मुख्य आरोपी सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, शफीक और आरिफ को उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं और पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। दोस्तो एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ग्रामीणों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि ठगी कर ली। केस दर्ज होने के बाद आरोपी घरों में ताला लगाकर पड़ोसी राज्य भाग गए। पुलिस ने पीड़ितों को विश्वास में लेकर विशेष टीमों का गठन किया। आरोपी बाबा सरताज अली उर्फ कादरी बाबा उर्फ सैयद मियां , शफीक , आरिफ को रामपुर यूपी से गिरफ्तार कर पूछताछ की गई. 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। दोस्तों, उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में ‘जिन्न’ के नाम पर हुई करोड़ों रुपये की ठगी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अंधविश्वास और लालच का मेल कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, शफीक और आरिफ को उत्तर प्रदेश के रामपुर से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ग्रामीणों को फंसाकर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। अब कोर्ट के समक्ष उन्हें पेश किया जा रहा है और पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह मामला हम सभी के लिए एक चेतावनी भी है – अंधविश्वास और बिना सत्यापन के भरोसा, करोड़ों के नुकसान का कारण बन सकता है। दोस्तों, ऐसे मामलों में सतर्क रहना और सही जानकारी पर भरोसा करना ही सुरक्षित मार्ग है।