जी हां दोस्तो देवस्थल आस्था की पहचान और उसी पवित्र भूमि पर शेख के लिबास में घूमते युवक। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने हरिद्वार से लेकर पूरे प्रदेश तक हड़कंप मचा दिया। सवाल उठा—ये लोग कौन हैं? क्यों बदले गए नाम और पहचान? और क्या है इसका हरिद्वार कनेक्शन? अब पुलिस की जांच में हुआ है बड़ा खुलासा। आइए दिखाते हैं आपको इस वायरल वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई। दोस्तो हर की पौड़ी आस्था का सबसे पवित्र स्थल और वहीं सोशल मीडिया की सनक में रची गई एक स्क्रिप्ट। कंदूरा पहनकर घाटों पर घूमते दो युवक, दावा—दुबई से आए इन्फ्लुएंसर, और मकसद—सिर्फ लाइक और कमेंट! वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया, धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और अब पुलिस की जांच में सामने आई पूरी सच्चाई। आखिर कौन थे ये युवक और क्यों बनाया गया ऐसा वीडियो? सबसे पहले आप उस वीडियो को देखिए फिर आगे विस्तार से बात करूंगा।
उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा के मुख्य स्नान घाट हर की पौड़ी पर मंगलवार को शेख के लिबास (कंदूरा) में दो युवकों के घूमने का वीडियो वायरल होने के बाद जांच में जुटी पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने दोनों को ढूढ़ निकाला है। वे हरिद्वार निवासी बताए जा रहे हैं। लेकिन हरिद्वार कुंभ क्षेत्र और आसपास के गंगा घाटों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग लगातार तेज होती जा रही है। श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अहिंदू प्रवेश निषेध की बात की जा रही है, तो वह किसी एक संस्थान तक सीमित नहीं है। पुलिस ने बताया कि नवीन कुमार और प्रिंस (दोनों की उम्र 22 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे अपने यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो बनाने हर की पौड़ी गए थे, ताकि उन्हें अधिक लाइक और कमेंट मिल सकें। दोस्तो पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों युवकों ने उनके इस कृत्य से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगी। पुलिस ने भविष्य में इस तरह के वीडियो नहीं बनाने की हिदायत देते हुए चालान करने के बाद छोड़ दिया। पुलिस ने यह भी कहा कि आधी-अधूरी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों की भी पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
दोस्तो इससे पहले, हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र में स्थित सभी गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग के बीच हर की पौड़ी के मालवीय घाट और उसके आसपास कंदूरा पहनकर युवकों के घूमने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। तीर्थ पुरोहितों ने बताया कि कंदूरा पहने घूम रहे युवकों को रोककर जब उनसे सवाल किए गए। उन्होंने अपना नाम दुबई निवासी हबीबुल्ला और हबीबी बताया, लेकिन ये भी जानलीजिए कि पुराहितों के अधिक पूछताछ पर उन्होंने खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताते हुए यूट्यूब के लिए वीडियो बनाने की बात कही। पुरोहितों के वहां से जाने को कहे जाने पर युवकों ने यह कहकर विरोध जताया कि वे हिंदुस्तान में कहीं भी घूम सकते हैं। इसके बाद युवक पुरोहितों के साथ बहस करने लगे…तीर्थ पुरोहितों ने मामले की सूचना गंगा सभा को दी। गंगा सभा ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। हालांकि, गंगा सभा के पदाधिकारियों और पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही युवक वहां से निकल गए थे, तो हर की पौड़ी पर सामने आए इस मामले में पुलिस जांच के बाद तस्वीर साफ हो चुकी है। सोशल मीडिया की सनक में बनाया गया एक वीडियो कैसे आस्था, कानून और सामाजिक सौहार्द को चुनौती दे सकता है—यह मामला उसकी मिसाल बन गया है। पुलिस ने युवकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया है, लेकिन सवाल अब भी कायम है—क्या लाइक और व्यूज की दौड़ में मर्यादाएं बार-बार लांघी जाती रहेंगी? हम इस तरह के मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।