हाईटेक नकल, गिरोह का पर्दाफाश । Dehradun । STF । Uttarakhand News

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दोस्तो, उत्तराखंड में परीक्षा के दौरान नया पेपरकांड सामने आया है! देहरादून के एग्जाम सेंटर में उत्तराखंड एसटीएफ की टीम ने हाईटेक नकल गिरोह पर छापा मारा और कार्रवाई के बाद दंग रह गई। यह गिरोह अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर छात्रों को परीक्षा पास कराने की साजिश रच रहा था। एसटीएफ ने मौके पर दो सदस्य गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया। अब ये देखना बाकी है कि इस हाईटेक नकल के पीछे और कौन-कौन शामिल थे और परीक्षा व्यवस्था कितनी सुरक्षित रही। दोस्तो देहरादून में परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल गिरोह पर उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ा वार किया! यूपी एसटीएफ के साथ मिलकर की गई कार्रवाई में गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, ये गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर छात्रों को परीक्षा पास कराने की योजना बना रहा था और लाखों की रकम वसूल रहा था। एसटीएफ की छापेमारी ने इस साइबर और हाईटेक धोखाधड़ी का पर्दाफाश कर दिया है।अब सवाल ये है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों पर कार्रवाई कब तक होगी और परीक्षा व्यवस्था कितनी सुरक्षित रह पाएगी?

उत्तराखंड एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने उत्तराखंड में आयोजित हुई केंद्रीय प्रतियोगिता परीक्षा में नकल कराने का पर्दाफाश किया है। इस मामले में परीक्षा में नकल करा रहे दो आरोपियों नीतिश कुमार और भास्कर नैथानी को उत्तराखंड एसटीएफ ने गिरफ्तार भी किया है। एसटीएफ आईजी नीलेश भरणे ने खुद इस मामले का खुलासा किया। परीक्षा केंद्र को भी सील कर दिया गया है। ये गिरोह एग्जाम पास कराने के एवज में 10 लाख रुपए की डिमांड करता था। दरअसल, दोस्तो भारत सरकार द्वारा 13 फरवरी को अलग-अलग राज्यों के परीक्षा केंद्रों पर SSC (कर्मचारी चयन आयोग) द्वारा आयोजित कराई जा रही मल्टी टॉस्किंग (Non-Technical) Staff & हवलदार Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC), Central Bureau of Narcotics (CBN) भर्ती परीक्षा-2025 की परीक्षा आयोजित कराई थी। इसी परीक्षा में आधुनिक तकनीकी के माध्यम से नकल कराने का मामला सामने आया है। अब देखिए कैसे हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश हुआ दोस्तो उत्तराखंड एसटीएफ की टीम ने परीक्षा में नकल करा रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने परीक्षा में पास कराने का लालच देकर प्रत्येक अभ्यर्थियों से 10 लाख रुपए की मांग की गई थी।

टीम ने आवश्यक उपकरण कब्जे में लेने के बाद परीक्षा केन्द्र सील कर दिया है। साथ ही उत्तराखंड एसटीएफ को पता चला है कि अभ्यर्थियों को धोखा देने की नियत से उन्हें गुमराह कर परीक्षा में पास करवाने का लालच देकर हाईटेक गिरोह काम कर रहा था। दोस्तो भारत सरकार द्वारा आयोजित SSC (कर्मचारी चयन आयोग) मल्टी टॉस्किंग भर्ती परीक्षा-2025 की परीक्षा भारत वर्ष के साथ ही उत्तराखंड के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जा रही थी। परीक्षा के दौरान असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने और उनके द्वारा अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का लालच देकर अपने झांसे में लिए जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस और एसटीएफ उत्तराखंड ने पहले से ही एक्टिव थी। दोस्तो एसटीएफ आईजी नीलेश भरणे ने बताया कि यूपी और उत्तराखंड एसटीएफ को इनपुट मिला था कि कुछ लोग गिरोह बनाकर अभ्यर्थियों को धोखा देने की नीयत से उन्हें परीक्षा में पास करने का लालच देकर मोटी धनराशि लेने के फिराक में है। इस इनपुट पर यूपी और उत्तराखंड की एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए परीक्षा केन्द्र महादेव डिजिटल जोन, एमकेपी इण्टर कालेज देहरादून में प्राप्त इनपुट के आधार पर दबिश दी गई। दोस्तो इतना भर नहीं है आगे देखिए और बड़ा खेल हुआ है पेपर के दौरान वैसे ये मै नहीं कह रहा हूं ये कह रही वो बड़ी कार्रवाई जिसने इस नकल कांड का पर्दफाश किया है दोस्तो एसटीएफ के मुताबिक, दबिश के दौरान उन्हें परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम के एक कोने में 24×24 इंच का अंडर ग्राउंड चेंबर (गड्ढा) 24×24 बना हुई थी। वहीं पर दो लेपटॉप राउटर ऑटोमेटिक अवस्था में मिले, जिनको रिमोटली चलाया जा रहा था। दोनों लैपटाप के माध्यम से परीक्षा में प्रश्न पत्रों को हल करने में मदद की जा रही थी।

एसटीएफ टीम ने तकनीकी और फॉरेन्सिंक उपकरणों का प्रयोग करते हुए सिस्टम को कब्जे में लेकर सील किया गया। साथ ही अवैध गतिविधि में शामिल दो आरोपी नीतिश कुमार निवासी नागलोई दिल्ली और भास्कर नैथानी निवासी, देहरादून को गिरफ्तार किया गया। आईजी एसटीएफ नीलेश भरणे ने बताया कि आरोपियों की तरफ से अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए 10 लाख रुपए की मांग की जाती थी इसके बाद अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग कर कम्प्यूटर को रिमोटली एक्सेस लेकर उनका प्रश्न पत्र हल किया जाता था। सह आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। दोस्तो, देहरादून में हुए इस हाईटेक नकल कांड ने परीक्षा व्यवस्था में सुरक्षा की कमी और आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग उजागर कर दिया है। उत्तराखंड एसटीएफ ने समय रहते कार्रवाई कर न केवल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया बल्कि परीक्षा केंद्र को भी सील कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का संदेश दिया है। एसटीएफ आईजी नीलेश भरणे ने कहा कि अब सह आरोपियों की तलाश जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह कार्रवाई साफ तौर पर दिखाती है कि उत्तराखंड में परीक्षा और छात्रों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। परीक्षा केंद्रों में सतर्कता और प्रभावी निगरानी अब सबसे बड़ा संदेश बन गया है, ताकि भविष्य में कोई भी हाईटेक नकल का प्रयास सफल न हो पाए।