Dehradun की सड़कें जाम, जोरदार आंदोल या शक्तिप्रदर्शन? | Congress | CM Dhmai | Uttarakhand News

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जी हां सवाल जन मुद्दों का है इसलिए देहरादून में कई मुद्दों पर खूब हल्ला सुनाई दे रहा है। देहरादून की सड़कों पर जनता का हुंकार!महंगाई, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था जैसे जन मुद्दों को लेकर लोग सड़कों पर उतरे। सरकार पर तीखे प्रहार और सवाल जनता के मुद्दों से जुड़े हैं। Uttarakhand Congress Protest आज का हल्ला बोल सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि चेतावनी भी है। इस जन सैलाब की पूरी कहानी हम आपको दिखाएंगे, अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो ये कांग्रेस के रोष प्रदर्शन की तस्वीरें हैं। जहां सरकार पर कई कांग्रेस के बड़े नेता बड़े वार करते नजर आ रहे हैं। वैसे दोस्तो हाल के दिनों प्रदेश छोड़िए अपने देहरादून राजधानी मं कई हत्याकांड ऐसे हो गए जिसने विपक्ष के साथ जनता को भी सक्ते में डाल दिया डरा दिया और अब कांग्रेस ने कई मुद्दों को लेकर एक साथ शोर मचाया है। दोस्तो उत्तराखंड में लगातार घट रहे आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ आज कांग्रेस सड़कों पर उतरी। देहरादून में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ हजारों कार्यकर्ताओं ने राजभवन कूच किया। कूच से पहले कांग्रेस नेताओं ने परेड ग्राउंड में सभा की और सरकार के खिलाफ बढ़ते अपराधों, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था और जंगली जानवरों के आतंक जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर अपना आक्रोश जाहिर किया।

16 फरवरी सोमवार को लोक भवन (राजभवन का नया नाम) कूच से पहले परेड ग्राउंड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जन सैलाब उमड़ा। परेड ग्राउंड में कांग्रेस की तरफ से एक जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा कार्यक्रम में पार्टी के सभी बड़े नेता मौजूद रहे और बारी-बारी से मंच के माध्यम से अपने संबोधन से कार्यकर्ताओं का जोश भरते नजर आए। इस दौरान कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रदेश के अनेकों जिलों से कार्यकर्ताओं का परेड ग्राउंड पहुंचना लगातार जारी रहा। मंच पर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सीडब्ल्यूसी मेंबर करन माहरा, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह मौजूद रहे। यशपाल आर्य ने कहा कि, भाजपा सरकार के कुशासन से मुक्ति पाने के लिए आज एक जन सैलाब देहरादून की सड़कों पर उतर आया है। राज्य में प्रचंड बहुमत की सरकार ने जनादेश का अपमान किया है। राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और राज्य में जंगल राज कायम है। चारों तरफ बढ़ते अपराधों से भय का वातावरण व्याप्त है। प्रदेश में रोजगार खत्म हो गए हैं और नौजवानों के हाथों में काम नहीं है। पलायन बदस्तूर जारी है। दूसरी तरफ पहाड़ों में विद्यालयों को बंद किया जा रहा है। अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हो रखी है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि,कांग्रेस के इस प्रदर्शन में सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि आम जनमानस भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है क्योंकि राज्य इस वक्त त्राहिमाम कर रहा है। खुलेआम अपराधी बेखौफ होकर दिनदहाड़े गोलियां चला रहे हैं। राज्य में दिन प्रतिदिन महिला अपराधों में वृद्धि हो रही है. प्रदेश में भर्ती घोटाले हो रहे हैं। इन सबसे युवाओं में मायूसी है गन्ने के समर्थन मूल्य के लिए किसान आंदोलनरत हैं। अब तो पहाड़ों में सेब के किसान भी देहरादून जाकर प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं। विभागों की कार्यशैली से लोग परेशान हो गए हैं।

प्रदेश की बेटियों को सुरक्षित रखने के लिए, बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर कांग्रेस आज निर्णायक लड़ाई लड़ने जा रही है। इसके अलावा कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने भी सरकार और बीजेपी को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसके अलावा एक और वाक्या हुआ जब कांग्रेस इधर हल्ला बोल की तैयारी कर रही थी थी तो उधर कांग्रेस से उठाया बड़ा सवाल आज देहरादून में कांग्रेस पार्टी और आमजन द्वारा प्रदेश की जनविरोधी सरकार के खिलाफ, राजभवन घेराव किया जा रहा है। राज्यपाल आवास कूच को सफल बनाने के लिये कांग्रेस के साथियों द्वारा अस्थायी राजधानी देहरादून में प्रचार प्रसार सामग्री लगाई गई थी, जिसे आज सुबह सरकार के दबाब में नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा हटाया जा रहा है जिसकी हम सख्त निंदा व भर्त्सना करते हैं।, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा सरकार जो जनता के साथ दुर्व्यवहार कर रही है वो निंदनीय है। दोस्तों, देहरादून में कांग्रेस का हल्ला बोल आज साफ संदेश दे गया है। सड़कों पर उतरे हजारों कार्यकर्ताओं ने बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदेश के दिग्गज नेताओं ने मंच से जनता की पीड़ा को उजागर करते हुए सरकार पर तीखे प्रहार किए और जनभावनाओं को सामने रखा। कांग्रेस का यह प्रदर्शन सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि जनता के सवालों और मांगों को सशक्त तरीके से उठाने की लड़ाई भी साबित हुआ।