Uttarakhand आपत्तिजनक स्लोगन से नया विवाद! | Biharigarh | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो क्या अपनी देवभूमि में धार्मिक उन्माद को जमकर हवा दी जारी है बीते कुछ वक्त की तस्वीरें इस बात की तस्दीक करती है किं शांत प्रदेश में धार्मिक तौर पर कई बवाल देखने को मिले हैं। वैसे लोग कौन हैं बल जो उत्तराखंड को बंगाल, बिहार, उत्तरप्रदेश बनाना चाहता है जहां बंटने छाटने की खबरें आम हैं, लेकिन अब क्या ऐसे लोगों के निशाने पर अपना उत्तराखंड है क्योंकि मेरे सामने एक और तस्वीर ऐसी आई जहां नवनिर्मित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें हाईवे की दीवारों और फ्लाईओवर पर मुस्लिमों के लिए आपत्तिजनक स्लोगन लिखे हुए दिखाई दे रहे हैं। लिखते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं। किसने ली इसवाले कांड की जिम्मेदारी बताउंगा आपको अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो अपनी देवभूमि में बीते कुछ वक्त के पन्नों को आप पलिटिये तो आपको बता चलेगा कि यहां मुस्लिम विरोधी बातें बयान क्रियाकलाप घटनाएं तामम देखने को मिली और हां यहां ऐसा पहले कभी ऐसा होता हुआ आपने नहीं देखा होगा लेकिन आज ऐसा क्या हो गया कि यहां और तमाम बातों मुद्दों को दरकिनार कर हिंदु-मुस्लिम के विवाद को तूल दिया जा रहा है। पहले आप इस नई वाली तस्वीर को देकिए।

दोस्तो ये बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के मोहंड वन रेंज में उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के बार्डर की वीडियो है जहां कुछ लोगों ने हाईवे की प्लेटों व दीवारों पर पेंट से मुसलमानों के लिए यह सड़क नहीं है लिखकर तनाव बढ़ाने का काम किया है। दोस्तो देखिए ना इस वीडियो में तीन लोग नजर आ रहे हैं, जिनमें से दो युवतियां हैं एक युवक फोन से वीडियो बनाता हुआ दिखता है। वहीं हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेशाध्यक्ष ललित शर्मा ने भी इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर प्रसारित किया है। दोस्तो इस वीडियो को शेयर ही नहीं किया बल्कि उन्होंने इसकी जिम्मेदारी भी ली है। उन्होंने अपने एकाउंट पर लिखा है कि हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे पर ठीक लिखा, क्योंकि सभी हिंदूओं के टैक्स से ही रोड बनती हैं। हिंदू ही केवल भारत में टैक्स दे रहा है, ये जिहादी, जब टैक्स नहीं देते तो इनको ग्रीनफील्ड पर चलने का कोई अधिकार नहीं है। इसके आलावा दोस्तो उनहोंने यह भी चेतावनी दी है कि ग्रीनफील्ड पर मुसलमानों को चलने नहीं दिया जाएगा। दोस्तो ये वीडियो गुरुवार की देर रात का बताया जा रहा है। प्रसारित वीडियो में एक महिला गले में भगवा गमछा डालकर सीमेंटेड ब्लाक पर अंग्रेजी में लिखती हुई नजर आ रही है। वहीं दूसरी महिला किनारे पर लगे शेड पर हिंदी में लिख रही है। बिहारीगढ़ थाना पुलिस ने एनएचएआई के इंजीनियर की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया है।

वहीं पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर प्रसारित वीडियो के माध्यम से आरोपितों की तलाश की जा रही है। इस तरह की घटनाओं से तनाव को नहीं फैलने दिया जाएगा। दोस्तो इसमें एक तरफ बाहरी लोगों पर नकेल कसने के लिए शासन प्रशासन मुस्तैद दिखाई देता है क्योंकि आप सब जानते हैं प्रदेश में डेमोग्राफिक चेंज को एक बढ़ी समश्या के तौर देखा जा रहा है लेकिन ऐसे बाहरी लोगों पर कौन शिकंजा कसेगा जो देवभूमि को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा लगता है। क्योंकि यहां एकका एक हिंदू-मुस्लिम वाले तनाव को हवा देने के लिए कई कोशिशें होती रही है। आपको याद होगा वो वीडियो जहां रुद्रपुर में एक नमाजी को खुले में नमाज पढने पर पीटा जाता है। वहीं हरिद्वार में गल्ली महौल्ले में घूम रहे एक मस्लिम से उसका धर्म पूछा जाता है फिर उसे चेतावनी दी जाती है। जिस पर पुलिस की सख्त कार्रवाई भी होती है। धमकाने वाले को गिरफ्तार कर दिया जाता है। वैसे कोद्वावार के दीपक वाले मामले को भी आप इस पूरे घटनाक्रम की पहली कड़ी मान सकते हैं।

दोस्तों, उत्तराखंड की शांत और धार्मिक सहिष्णुता को चुनौती देने वाली यह घटना बहुत गंभीर है। दोस्तो बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सार्वजनिक स्थानों पर “मुसलमानों के लिए रोड नहीं है” जैसे आपत्तिजनक स्लोगन लिखना केवल नफ़रत फैलाने की पराकाष्ठा है हालांकि, बिहारीगढ़ पुलिस ने एनएचएआई इंजीनियर की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है, ताकि तनाव फैलने से रोका जा सके। दोस्तों, यह मामला याद दिलाता है कि सामाजिक सौहार्द और कानून का पालन ही असली ताकत है, और किसी को भी ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी लेकिन कैसे और कौन लोग है बल जो अपनी देवभूमि की शांति में खलल डालना चाहता है। जब बाहरी लोगों को यहां आकर रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती तो फिर देवभूमि की सीमा के अंदर आकर ऐसे बाहरी लोगों की एंट्री इतनी आसानी से कैसे हो रही है क्या ये कोई बड़ी साजिश का हिस्सा है क्या है आपकी राय इस खबर कमेंट के जरिए बताइयेगा।