देवभूमि में फिर मानवता शर्मशार! | Kathgodam | Haldwani | Pankaj Pandey |Uttarakhand News

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दोस्तों, देवभूमि उत्तराखंड से एक और शर्मनाक खबर सामने आई है। जहरखुरानी का शिकार हुआ युवक बेहोश हुए एक युवक, जो मदद का हकदार था, रोडवेज के कुछ कर्मियों ने सड़क के बीच फेंक दिया। इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह घटना हमें एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारी संवेदनाएँ सड़क किनारे भी सुरक्षित हैं? दोस्तो ये कहानी भी दोस्ती की है। दोस्त की शादी में शामिल होने का सपना लेकर दिल्ली से उत्तराखंड आ रहे एक युवक के लिए यह सफर डरावना बन गया। एक तरफ जहरखुरानी गिरोह ने उसे बेहोश कर लूटा, दूसरी तरफ सरकारी रोडवेज बस के चालक–परिचालक का अमानवीय और गैर-जिम्मेदार चेहरा सामने आया, जिन्होंने बेहोशी की हालत में युवक को बस से उतारकर सड़क पर बेसहारा छोड़ दिया या यूं कहूं की फेंक दिया। न मानवता दिखाई दी, न जिम्मेदारी और न ही यात्री की हालत को लेकर कोई संवेदनशीलता। दोस्तो दरअसल दिल्ली से दोस्त की शादी में शामिल होने आ रहे गणाई गंगोली (बेरीनाग) निवासी पंकज पांडे को जहरखुरानों ने शिकार बना लिया। आरोप है कि, जहरखुरान उसका मोबाइल फोन और पर्स लूट ले गए, साथ ही उसके फोन से एक लाख रुपये का ट्रांजेक्शन भी किया गया।

पंकज मंगलवार सुबह काठगोदाम के शीशमहल क्षेत्र में बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। दोस्तो जो सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि रोडवेज बस से उतरते वक्त पंकज गिर पड़ा था, लेकिन बस स्टाफ ने उसकी कोई सुध नहीं ली। उतरते समय वह चोटिल भी हो गया। उसके चेहरे पर गंभीर चोट है और दो दांत टूट गए हैं। फुटेज में वह बार-बार खड़ा होने की कोशिश करता दिखता है, लेकिन लड़खड़ाकर गिर जाता है फिर भी किसी स्तर पर मदद या मानवीय हस्तक्षेप नहीं किया गया। दोस्तो जानकारी ये है कि पंकज पांडे दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर क्षेत्र में रहता है और डिजिटल मार्केटिंग का कार्य करता है। वह अपने मित्र की शादी में शामिल होने के लिए सोमवार देर रात आनंद विहार से काठगोदाम डिपो की रोडवेज बस में सवार हुआ था। रास्ते में जहरखुरानों ने उसे अपना शिकार बना लिया। दोस्तो मंगलवार सुबह करीब पांच बजे बस स्टाफ ने उसे शीशमहल क्षेत्र में उतार दिया। वर्तमान में पंकज कुसुमखेड़ा स्थित एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है, जहां उसकी हालत में हल्का सुधार बताया जा रहा है। मामले की सूचना काठगोदाम थाना पुलिस को दी गई है। कठघरिया निवासी हिमांशु कांडपाल के मुताबिक, दिल्ली में रहने वाले उनके ससुर का फोन आया कि उनके बेटे पंकज के साथ कोई गंभीर घटना हो गई है। हिमांशु के अनुसार शीशमहल क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक व्यक्ति से पंकज ने अपने पिता का फोन नंबर बताया था। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां पंकज बदहवास हालत में पड़ा मिला।

वहीं दोस्तो काठगोदाम डिपो के एआरएम गणेश पंत कहते हैं कि संबंधित बस दिल्ली से नैनीताल रूट पर चल रही थी। पंकज ने केवल हल्द्वानी तक का टिकट लिया था। जब बस हल्द्वानी स्टेशन से नैनीताल के लिए रवाना हुई तो शीशमहल के पास पंकज परिचालक के पास पहुंचा। टिकट हल्द्वानी तक का होने के कारण स्टाफ ने उसे उतार दिया। युवक के जहरखुरानी का शिकार होने और उतरते वक्त चोटिल होने की जानकारी मिली है। मामले में चालक और परिचालक से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। दोस्तो ये घटना सिर्फ जहरखुरानी गिरोह की क्रूरता नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता का भी चेहरा दिखाती है जहां एक बेहोश, घायल यात्री को इंसान नहीं, सिर्फ “टिकट का मामला” समझकर सड़क पर छोड़ दिया गया। आज के इस डिजिटल युग में इंसानियत किस स्तर तक नीचे गिर गई है इस बारे में कुछ भी कहना नाकाफी हैं। हाल ये है कि आज इंसान की कोई कीमत नहीं रह गई है। ताजा मामला उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले से सामने आ रहा है जहां दिल्ली से भीमताल अपने मित्र की शादी में शामिल होने आ रहा एक युवक रास्ते में बदमाशों के जाल में फंस गया। आरोप है कि जहर खुरानी गिरोह ने उसे नशीला पदार्थ देकर लूट लिया गया। इससे भी अधिक शर्मशार करने वाली घटना है कि जब रोडवेज के चालक परिचालकों को हल्द्वानी में उसके जहखुरानी के शिकार होने की बात पता चली तो उन्होंने मानवता दिखाने के बजाय उन्होंने काठगोदाम से पीछे सुनसान सड़क पर बेहोशी की हालत में बस से उतारकर सड़क किनारे छोड़ दिया। अब रोडवेज कर्मियों की इस घटना का शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।