देहरादून: उत्तराखंड में मदरसों के सर्वे के बाद धामी सरकार का एक और एक्शन प्लान बना है। प्रदेश भर के मदरसों में अब एनसीईआरटी (NCERT) सिलेबस से पढ़ाई होगी। इसके लिए सरकार की ओर से ठोस रणनीति बनाकर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने बताया कि बोर्ड के अंदर प्रदेशभर में 103 मदरसे संचालित हैं। कहा कि सभी मदरसों में एनसीईआरटी सिलेबस को लागू किया जाएगा। कुछ चयनित मदरसों में इसी साल, जबकि शेष बचे मदरसों में अगले साल में हरहाल तक एनसीईआरटी सिलेबस को लागू कर दिया जाएगा। बताया कि नमाज के बाद कुरान की तिलावत करेंगे मदरसों के तलबा।
शम्स ने कहा कि ऊंची तालीम देने के साथ ही इस बात पर जोर दिया जाएगा कि तलबा बड़े होकर डॉक्टर, इंजीनियर, खिलाड़ी, सांइटिस्ट बनकर प्रदेश और देश का खूब नाम रोशन करें। कहा कि प्रदेशभर में मदरसों की हालत सुधारने के लिए प्लानिंग भी की गई है, ताकि देश और प्रदेश का भविष्य सुरक्षित हाथों में हो। मालूम हो कि विगत दिनों सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में संचालित मदरसों के सर्वे की बात कही थी। धामी ने चिंता जताते हुए कहा था कि मदरसों में कई अनियमिताओं की शिकायत आ रही हैं, इसी को ध्यान में रखकर सरकार ने मदरसों की जांच और सर्वे करवाने का मन बनाया है।
योजना की पुष्टि करते हुए उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने द पायनियर को बताया कि बीजेपी का मकसद मदरसों को स्मार्ट मदरसों में बदलना है. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के तहत आने वाले 103 मदरसों में जल्द ही एनसीईआरटी का सिलेबस शुरू किया जाएगा। शम्स ने खुलासा किया कि नए पाठ्यक्रम के तहत धार्मिक शिक्षा पहले दो घंटे सुबह ही दी जाएगी और बाकी समय मदरसे सामान्य स्कूल की तरह संचालित होंगे। वक्फ बोर्ड ने शुरू में राज्य के 10 मदरसों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने का फैसला किया है, जिसमें रुड़की के रहमानिया मदरसा और देहरादून में उस्मानिया मदरसा शामिल हैं। इन दस संस्थानों को मॉडल मदरसों के रूप में विकसित किया जाएगा, इसके बाद अन्य मदरसों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का विस्तार किया जाएगा।