चुनाव से पहले ‘क्राइम’ बना सबसे बड़ा सवाल! | Harish Rawat | Trivendra Singh Rawat | Uttarakhand News

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उत्तराखंड, जो कभी अपनी खूबसूरत वादियों और शांत जीवन के लिए जाना जाता था, अब चर्चा में है एक अलग वजह से — ‘क्राइम कैपिटल’ बनते प्रदेश के रूप में! चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक हलकों में BJP की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं, और दो पूर्व मुख्यमंत्री एक सुर में अपनी राय रखकर सवाल खड़े कर रहे हैं। क्या सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का यह मुद्दा इस बार चुनावी राजनीति का बड़ा चेहरा बनेगा? क्यों प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों ने खोल दिया मोर्चा। दोस्तो उत्तराखंड में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर हो रखा है आपने देहरादून की एक वो तस्वीर भी देखी होगी जहां कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए थे और दोस्तो दूसरी तरफ हैरानी तो तब हुई जब बीजेपी एक तरफ हर घटना पर त्वरित कार्रवाई की बात कर कानून व्यवस्था को लेकर लगी आग पर पानी डालने का काम कर रहे थी। वहीं बीजेपी के एक पूर्व मुक्यमंत्री और मौजूदा सांसद ने सरकार और पुलिस को आइना दिकाने का काम किया। दोस्तो इधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने एक बार फिर से सरकार पर निशाना साधा है। हरीश रावत ने रामनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला है।

हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्थिति बेहद चिंताजनक होती जा रही है। राजधानी देहरादून ही नहीं, बल्कि पूरा प्रदेश अपराध की चपेट में है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि, मानव तस्करी, नशाखोरी और भ्रष्टाचार जैसे मामलों ने राज्य की छवि को धूमिल किया है। इतना ही नहीं दोस्तो हरीश रावत ने दावा करते हैं और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट का हवाला देते हैं वो कहते हैं कि आंकड़ों के अनुसार महिलाओं से जुड़े अपराधों में उत्तराखंड शीर्ष राज्यों में गिना जा रहा है फिर अंकिता हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहते हैंं कि ऐसी घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं दोसरी और हरीश रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता ही सरकार को कानून-व्यवस्था और खनन जैसे मुद्दों पर नसीहत दे रहे हैं, तो हालात की गंभीरता समझी जा सकती है। वैसे दोस्तो वैसे त्रिवेंद्र रावत ने साफ तौर पर तो कोई बात नहीं कहीं लेकिन उन्होंने इशारों ही इशारों में ना सिर्फ बहुत कुछ कहा बल्की नसीहत देते भी दिखाई दिए। वैसे दोस्तो त्रिवेंद्र सिंह रावत असली बात कह गए, पूर्व सीएम ने कहा कि प्रदेश में क्राइम इस लिए कंट्रोल नहीं हो रहा है क्योंकि पुलिस अपराध नियंत्रण के बजाय ज़मीन जायदाद के मामलों में दिलचस्पी ले रही है।

सीएम और उनकी टीम ने अगर अभी ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, जिनकी शुरुआत हो चुकी है। उधर हरीश रावत को भी सरकार को घेरने का मौका मिल ही गया। दोस्तो देहरादून में हाल में हुए विक्रम शर्मा हत्याकांड को लेकर भी हरीश रावत ने सवाल किया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, उसे लाइसेंसी हथियार और व्यवसाय की अनुमति कैसे मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े कुछ लोग अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं, जिससे पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने में असमर्थ हो रही है। दोस्तो हरीश रावत का कहना है कि अपराध से धन कमाने वालों के लिए उत्तराखंड स्वर्ग बनता जा रहा है. अवैध नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए रावत ने कहा कि सूखे नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है। प्रदेश उड़ता पंजाब की तर्ज पर उड़ता उत्तराखंड बनता जा रहा है। “दोस्तो, उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों की तरफ से खुलकर बयानबाजी हो रही है, और जनता के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या सरकार समय रहते अपराध और महिला सुरक्षा जैसी गंभीर चुनौतियों को नियंत्रित कर पाएगी। आंकड़े और हालिया घटनाएं स्पष्ट कर रही हैं कि प्रदेश को सिर्फ सुंदर वादियों के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षित और संरक्षित समाज के लिए भी सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले चुनावी महीनों में यही मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है, और हर उत्तराखंडी की नजर इस पर बनी रहेगी।