जी हां दोस्तो उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में आतंक का प्रयाय बन चुका एक ऐसा खतरा जिसके बारे में कोई पता नहीं, कहां से आएगा कब आयेगा और इस बार ना जाने कौन उसका शिकार बनेगा। जब जंगली आंतक ने फिर ले ली एक और जान तो सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए लोग, अब दहशत ऐसी की तुरंत शूट करने की उठी है मांग। जी हां दोस्तो उत्तराखंड के पौड़ी जिले के बाड़ा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर नहा रहे नेपाली मूल के 45 वर्षीय लक्ष्मण पर सड़क किनारे घात लगाए गुलदार ने हमला कर दिया और उन्हें जंगल की ओर घसीट लिया। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि आदमखोर गुलदार के आतंक की वापसी है और उन्होंने वन विभाग से इसे तुरंत शूट करने की मांग उठाई है। उत्तराखंड के पौड़ी जिले में फिर गुलदार का हमला हुआ है. जहां गुलदार ने बाड़ा गांव में नेपाली मूल के एक व्यक्ति को अपना निवाला बना लिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वहीं, गुलदार के हमले की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने वन विभाग के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। दोस्तो ग्रामीणों का कहना है कि बाड़ा के पास स्थित गांव गजल्ड में भी पहले गुलदार के हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। उस समय गुलदार को शूट किए जाने के बाद कुछ समय तक लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब एक बार फिर गुलदार की सक्रियता से लोगों में डर का माहौल है।
दोस्तो ग्रामीणों ने वन विभाग का घेराव करते हुए इस गुलदार को भी तत्काल शूट करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि जब तक गुलदार को मारने का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक शव को मौके से ले जाने नहीं दिया जाएगा। दोस्तो इस घटना के बाद से क्षेत्र में लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। बाड़ा गांव में गुलदार के हमले में एक नेपाली मूल के व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई. मृतक की पहचान लक्ष्मण (उम्र 45 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मण मकर संक्रांति पर्व के चलते सुबह नहाने के लिए घर से निकले थे, तभी सड़क किनारे घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें अपना निवाला बना लिया। गुलदार उसे सड़क से काफी दूर जंगल की ओर घसीट ले गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जहां गुस्साए ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। उधर, इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आज से बच्चों के स्कूल खुल चुके हैं, लेकिन गुलदार के आतंक के चलते बच्चों का स्कूल आना-जाना और ग्रामीणों का अपनी आजीविका के लिए खेतों में जाना बेहद जोखिम भरा हो गया है।
ग्रामीणों की एकमात्र मांग है कि गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे शूट करने के आदेश जारी किए जाएं और क्षेत्र में शूटर की तैनाती की जाए। ताकि, लोगों को दहशत से निजात मिल सके तो दोस्तो एक तरफ जहां गुलदार को शूट करने की मांग ग्रामीणों की ओर से की रही है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से लगातार वार्ता की जा रही है। जैसे ही उच्च स्तर से आदेश मिलेंगे, उसी अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर शव बरामद हुआ है, वहां विभागीय प्रक्रिया के तहत सैंपलिंग की जा रही है। उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दोस्तों, पौड़ी जिले के बाड़ा गांव में गुलदार के इस हमले ने पूरे क्षेत्र में डर और आक्रोश फैला दिया है। ग्रामीण अपनी सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं और मांग कर रहे हैं कि आदमखोर गुलदार को तुरंत शूट किया जाए। वन विभाग ने कहा है कि उच्च अधिकारियों से लगातार वार्ता जारी है और जैसे ही आदेश मिलेंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शव स्थल पर सैंपलिंग की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते इस खतरे को नियंत्रण में ला पाएगा और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएगा?