उत्तराखंड में करोड़ों की ठगी ने खत्म कर दिया किसान परिवार! हाय रे इंसाफ की नींद, पूरी चौकी निलंबित, सिस्टम का सच सबके सामने। कैसे हो गया कि एक पूरा परिवार परेशान। न्याय की गुहार लगा रहा था लेकिन सिस्टम है कि उसे तो लगों की बली पसंद है। कैसे एक पूर का परिवार सिस्टम की उदासीनता और लपरवाही का भेंट चढ गया। Farmer Sukhwant Death Case दोस्तो हिला कर रख देने वाली खबर है, कैसे अपनी देश में इंसाफ मिलता है, कैसे कानून व्यवस्था पर उठते सुलगते सवाल, कैसे पुलिस एक ठगी के मामले में नहीं दे पाई किसान परिवार का साथ। दोस्तो उत्तराखंड के काशीपुर से एक ऐसा दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। करोड़ों की ठगी, लापरवाही और सिस्टम की नींद ने एक किसान परिवार को तोड़ दिया। शिकायतों के बावजूद इंसाफ की झूठी गारंटी, और परिणामस्वरूप सुखवंत सिंह का परिवार त्रासदी में डूब गया। घटना के बाद पूरी चौकी निलंबित कर दी गई है, और सवाल उठ रहे हैं – आखिर इंसाफ कब मिलेगा? आज हम दिखाएंगे उस परिवार की कहानी और सिस्टम की चुप्पी के मायने। दोस्तो दरअसल ये वो दिमक है जो देवभूमि को अंदर से खा रहा है, जहां जब न्याय मिलने में देरी सुनवाई के नाम पर तानाशाही होगी, तो वहां एक आम इंसान गुहार लगाते-लगाते, चक्कर लगाते-लगाते वो ये कदम उठाने के मजबूर हो जाय तो फिर क्या कहना।
एक किसान के साथ ज़मीन का फ्रॉड हुआ, शिकायत करने पहुंचा तो संवेदनहीन सिस्टम ने उसे जलील किया और गाली गलौच करके भगा दिया। अब वो भी सुनिए कि ये फर्जीबाड़ा क्या था और कौन-कौन इसमें शामिल बताया गया। दोस्तो जब इस पूरे मामले ने तूल पड़का, सवाल जवाब शुरू हुए तो एक तरफ मुख्मयंत्री धामी ने सख्त कार्रवाई का आदेश दिया तो उधर सुखवंत सिंह मामले में SHO और चौकी प्रभारी सहित पूरी चौकी निलंबित। सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में बड़ी कार्रवाई, थानाध्यक्ष ITI कुंदन रौतेला समेत दो उपनिरीक्षक निलंबित, कई लाइन हाजिर कर दिया गया तो जांच के आदेश हो गए। जांच पार्रदर्शी होगी कोई भी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। काशीपुर किसान सुखवंत सिंह और उनके परिवार की दर्दनाक कहानी का अंत ऐसे होगा किसी ने सोचा नहीं था। किसान सुखवंत सिंह के नाबालिग बेटे ने कहा मेरे पिता को इंसाफ मिलना चाहिए। कब मिलेगा देखना होगा करोड़ों की ठगी और सिस्टम की चुप्पी ने एक परिवार को उजाड़ दिया। अब सवाल ये है कि ऐसे मामलों में इंसाफ कब मिलेगा और कितने और परिवार इसी दर्द से गुज़रेंगे।