अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में उत्तराखंड के सामाजिक संगठन और राजनीतिक संगठनों ने 11 जनवरी को बुलाए गए उत्तराखंड बंद को यथावत रखने का ऐलान किया है। Ankita Bhandari Murder Case दूसरी तरफ, दून उद्योग व्यापार मंडल ने शनिवार को बैठक करके अंकिता मामले पर 11 जनवरी को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक दलों की ओर से बुलाए गए उत्तराखंड बंद में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग को लेकर आज उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, यह राज्य की अस्मिता से जुड़ा सवाल है। इसके पक्ष में खुलकर सामने आने की जरूरत है। बंद शांतिपूर्वक करें और कानून को हाथ में न ले। महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा, सरकार सीबीआई जांच के बिंदु स्पष्ट करे, ऐसी जांच हो जिसमें वीआईपी का खुलासा हो। यह लड़ाई अंकिता के साथ ही राज्य की बेटियों की लड़ाई है।
कल 11 जनवरी 2026 को विभिन्न संगठनों द्वारा प्रस्तावित ‘उत्तराखण्ड बंद’ के दृष्टिगत उत्तराखण्ड पुलिस ने प्रदेश भर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारी की है। गढ़वाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने कहा है कि आम जनमानस की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाजारों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि आम जनता को असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी आड़ में किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कृपया शांतिपूर्ण तरीके से अपना पक्ष रखें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। वाहन चालक, व्यापारियों समेत आम नागरिकों के हितों और सुरक्षा को देखते हुए किसी भी प्रकार का ऐसा कृत ना करें जिससे कानून व्यवस्था का उल्लंघन होता हो और जनता को असुविधा होती हो। उन्होंने सभी से शांति व सौहार्द बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट से बचने की भी अपील की है।