देहरादून में बुधवार को तिब्बती मार्केट के सामने कारोबारी और टेनिस प्लेयर अर्जुन की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया। एसएसपी अजय सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि बलिदानी कोटे से परिवार को मिली गैस एजेंसी के लोन चुनाने को लेकर विवाद चल रहा था। Dehradun Arjun Sharma Murder Case जिसके बाद मृतक की मां बीना शर्मा ने ही बेटे अर्जुन की हत्या करवाई थी। पुलिस के अनुसार, इस वारदात की साजिश करीब 25 दिन पहले से रची जा रही थी। मां बीना शर्मा उसके साथी विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना ने मिलकर जनवरी में ही अर्जुन की हत्या की साजिश रच ली थी। इसके बाद भाड़े के शूटरों की तलाश शुरू हुई थी जो विनोद उनियाल के ड्राइवर पंकज पर आकर रुकी। जांच में पता चला कि पंकज राणा ने 12 लाख रुपये में सुपारी ली और इस वारदात को अंजाम देने के लिए पंकज ने अपने भाई राजीव उर्फ राजू को भी साथ ले लिया। राजीव ने 1997 में अपने सौतेले बाप की हत्या की थी। इस मामले में वह जेल भी जा चुका था। चार-पांच साल जेल में रहने के बाद बाहर आ गया था।
बताय कि बीते दिनों बीना ने जीएमएस रोड की प्रॉपर्टी बेची थी। जिसे बेचने के बाद 14 करोड़ रुपये बीना के खाते में आए थे। इसमें से आठ करोड़ रुपये उसने विनोद के खाते में भेजे थे। इसके बाद जब अर्जुन ने इसका विरोध किया तो मां ने हत्या की साजिश रची थी। हत्याकांड के बाद पुलिस ने शूटर और उसके सहयोगी को अलग-अलग स्थानों पर मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। फायरिंग के दौरान दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। पुलिस जांच में पता चला है कि अर्जुन की मां बीना ने शातिर की तरह उसकी रेकी की थी। उसने अमरदीप गैस एजेंसी के मैनेजर से अर्जुन की दिनचर्या, उसके आने-जाने के समय और ठिकानों की जानकारी जुटाई थी। दरअसल, अपनी मां से हुए विवाद के चलते अर्जुन शर्मा अपने परिवार के साथ इंदिरा नगर क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था। इस कारण मां को उसकी गतिविधियों की ज्यादा जानकारी नहीं थी। कई दिनों तक चली तैयारी पुख्ता करने के बाद हत्याकांड को अंजाम दिया गया। विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया है कि घटना से पूर्व और घटना के बाद आरोपी पंकज राणा ने विनोद उनियाल से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया था।