Bageshwar BJP MLAने लिखा ‘मै खेद प्रकट करता हूं!’| Suresh Garhia | Lachhu Pahadi | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो बीजेपी के विधायक की एक टिप्पणी ने उनको माफी मांगने पर मजबूर कर दिया। विधायक ने उत्तराखंड के लोक कलाकार और स्थानीय नेता लच्छू पहाड़ी पर की टिप्पणी और इस पर इतना बवाल मचा की लोगों ने विधायक को जमकर घेरना शुरू कर दिया फिर बीजेपी के इस विधायक ने एक पोस्ट के जरिए खेध प्रकट किया, लेकिन हुआ क्या था ऐसा क्या आया विधायक के मजाक पर लच्छू पहाड़ी का रिएक्शन। दोस्तो सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जो किसी और का नहीं बल्कि बागेश्वर जिले के कपकोट के विधायक सुरेश गढ़िया का है। वीडियो में वो दिव्यांग कलाकार बीडीसी सदस्य लक्ष्मण कुमार उर्फ लच्छू पहाड़ी का मजाक उडाते हुए नजर आ रहे हैं। मै आपको वो वीडियो दिखाउं उससे पहले बता दूं कि वीडियो कत्यूर महोत्सव के मंच का है जहां पर विधायक सुरेश गढ़िया मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। हालांकि विधायक को लक्ष्मण कुमार पर टिप्पणी करना भारी पड़ गया। दोस्तो जानकारी के अनुसार बागेश्वर जिले के गरुड कत्यूर महोत्सव में कपकोट के विधायक सुरेश गढ़िया मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंच से दिव्यांग कलाकार बीडीसी सदस्य लक्ष्मण कुमार उर्फ लच्छू पहाड़ी का उपहास उड़ाया। इसके बाद से सोशल मीडिया पर उनके संबोधन वीडियो का एक अंश तेजी से वायरल हो रहा है। दोस्तो वीडियो में विधायक सुरेश गढ़िया कहते हुए नजर आ रहे हैं, कि लच्छू को डांस करते-करते नेता ही बना दिया। अब पता नहीं की वह काम करेगा या नहीं करेगा लेकिन डांस जरूर करेगा। कभी-कभी ऐसा भी हो जाता है इसलिए हम सभी को सोच समझकर ही आगे बढ़ना चाहिए।

दोस्तो इस वीडियो के वायरल होते ही लक्ष्मण और उनके पिता कुंदन राम विधायक की टिप्पणी से आहत हुए हैं। लक्ष्मण के पिता ने कहा कि दिव्यांगों का मनोबल बढ़ाने की जरूरत होती है, लेकिन विधायक ने कलाकार को हतोत्साहित करने का प्रयास किया है। यदि उनके बच्चे ऐसे होते तो क्या वह तब भी ऐसा ही रवैया अपनाते। पहाड़ी लच्छू का कहना है कि, उन्होंने मंच की से यह बात नहीं सुनी लेकिन वीडियो में जो कुछ देखा और सुना वह बेहद अपमानजनक है। उधर दोस्तो विधायक सुरेश गढ़िया ने कहते हैं कि मैंने कत्यूर महोत्सव की सराहना करते हुए बताया कि, जिस प्रकार कलाकार लक्ष्मण कुमार ऐसे ही मंचों से आगे बढ़े और अब जनता के सहयोग से नेता बन गए। इस प्रकार यह मंच कई लोगों के सपनों को पंख लगाने में मदद कर रहा है। हालांकि सोशल मीडिया पर वीडियो का कुछ अंश वायरल कर सवाल उठाना ठीक नहीं है। लोग मेरे संबोधन की पूरी वीडियो देख लेंगे तो उन्हें पता चल जाएगा कि मैने किसी पर भी कोई टिप्पणी नहीं की है लेकिन इनके एक सोशल मीडिया का पोस्ट बता रहा है कि गलती हुई है और वो उस टिप्पणी को लेकर खेद प्रकट कर रहे हैं। लिखते हैं यदि मेरे किसी शब्द खासकर “नाचने-गाने” जैसे अन्य शब्द से लच्छू पहाड़ी जी या उनके परिवार के मन को ठेस पहुँची हो, तो मैं हृदय की गहराइयों से उसके लिए खेद प्रकट करता हूँ।

मेरा ऐसा कोई भाव या कोई इरादा कभी नहीं था। लेकिन ये तो नेता जी भी नहीं जानते हैं कि कब कौन सा बयान या मजाक या टिप्पणी उन पर भारी पड़ जाए जैसाकि यहां सुरेश गढिया के साथ हुआ है। दोस्तो लच्छू पहाड़ी हाल में हुएँ त्रिस्तरीय पंचाय में चुने गए जन प्रतिनिधी हैं। दोस्तो उत्तराखंड पंचायत चुनाव में इस बार एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा- लक्ष्मण कुमार उर्फ लच्छू पहाड़ी। वजह है उनका कद, जो सिर्फ साढ़े तीन फीट है लेकिन इस छोटे कद के पीछे छुपा है एक बड़ा हौसला जिसकी बदौलत उन्होंने बागेश्वर ज़िले के गरुड़ ब्लॉक के गढ़खेत क्षेत्र से बीडीसी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) पद पर न सिर्फ जीत हासिल की, बल्कि पूरे प्रदेश में एक मिसाल भी कायम की.उनकी यह जीत यह साबित करती है कि राजनीति में न चेहरा मायने रखता है, न कद अगर हौसला और जनसेवा का जज़्बा हो, तो कोई भी मुश्किल रास्ता आसान हो जाता है। छोटे कद के बावजूद लच्छू ने चुनाव में जिस आत्मविश्वास से भाग लिया, वह हर किसी को प्रेरित कर रहा है.गढ़खेत क्षेत्र से लच्छू पहाड़ी को कुल 348 वोट मिले। जबकि, उनके प्रतिद्वंदी कैलाश राम को 230 वोट, पप्पू लाल को 227 वोट और प्रताप राम को 181 वोट हासिल हुए। लच्छू ने 118 वोटों से शानदार जीत दर्ज की। यह नतीजा सिर्फ जीत नहीं, बल्कि समाज में आत्मविश्वास और संघर्ष का मजबूत संदेश भी है लेकिन अब वो उत्तराखंड की उस बवाली सियासत का हिस्सा भी हो गए हैं जहां सिर्फ चुनावी राजनीती होती है।