जी हां दोस्तो जब एक निर्दोष रिटा. ब्रिगेडियर ने अपनी जान गवां दी, तब कहीं सड़क पर उपजे विवाद की जड़ पर चोट शुरू हई। देहरादून की रात में मचा हड़कंप रिटायर्ड ब्रिगेडियर कांड के बाद पुलिस ने शुरू किया ‘ऑपरेशन नाइट वॉच’राजधानी की गलियों में देर रात तक चला सख्त एक्शन। पुलिस की छापेमारी ने आम लोगों में खलबली मचा दी। कैसे सुरक्षा बलों ने रात के अंधेरे में लिया कंट्रोल, मेरी इस रिपोर्ट में पूरी खबर और काली रात का वो काला सच जो शायद आप नहीं जानते होंगे। दोस्तो उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून में कई हत्याएँ हो चुकी है। कई बार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर आरोपी फरार हो चुके हैं, लेकिन इस बार एक पूर्व फौजी की हत्या क्या हुई। इस कांड ने एक बार फिर पुलिस को सड़क पर आने को मजबूर कर दिया। रात में चैकिंग और छापे मारने को मजबूर कर दिया। नाकेबंदी कर जांच होती दिखाई दी, रात के अंधेरे में चलने वाले तमाम रेस्टोरेंट बार क्लब भी पुलिस के निशाने पर दिखाई दिए। सड़क पर पुलिस ही पुलिस, गांडियों की गहनता से जांच पड़ताल। गाड़ी डिग्गी तक तक को बारीकी से चेक किया जा रहा है कि कोई अपराधी को छिपाकर तो नहीं ले जा रहा है। रात के अंदरे में सड़क पर हुटर बजाकर पुलिस की ये गाड़ियां, ये बता रही है कि अब पानी गले-गले नहीं नांक तक पहुंच रहा है और देहरादून वाला का दम घुट रहा है। मै नहीं कह रहा हूं लोग कह रहे हैं और पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है।
दोस्तो लोंगा गुस्सा अब आउट और ऑफ कंट्रोल होता दिखाई दे रहा है, ये गुस्सा उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमवार सुबह की शुरुआत खूनी खेल को लेकर है जहां एक तरफ देरहरादून में चल रहे कई बार क्लब रेस्टोरेंट जो देर रात चलते हैं वो तो पहले से ही कठघरे में हैं ही लेकिन जेन जी क्लब में बिल को लेकर हुई लड़ाई सड़क पर सरेआम अंधाधुंध फायरिंग और एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर की मौत पर खत्म हुई थी। देखते ही देखते ये खबर देश भर की सुर्खियां बन गई थी, लोगों ने देहरादून पुलिस की कार्यप्रणाली पर जमकर सवाल उठाए। इसके बाद दून पुलिस ने निर्धारित समय के बाद भी खुलने वाले क्लब, बार और रेस्टोरेंट के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन लिए। ‘ऑपरेशन नाइट वॉच’ देर रात तक चला दोस्तो कभी शांत और सुकून के लिए जाना जाने वाला देहरादून, इन दिनों ड्रग्स स्मगलिंग, फायरिंग, लूट और हत्याओं से दहला हुआ है। दोस्तो जनता समझ नहीं पा रही है कि देहरादून में ये क्या हो रहा है। कभी अपराधी आपस में गैंगवार करते हैं। कभी निर्दोष जनता इनकी गोलियों का शिकार हो रही है। सोमवार को देहरादून के एक क्लब और इसमें शराब पीने आए युवकों के आपसी विवाद ने देहरादून की सड़क खून से रंग दी थी. विवाद के बाद क्लब का संचालक अपनी फॉर्च्यूनर कार से भाग रहा था तो बिल के लिए झगड़ने वाले युवक अपनी स्कॉर्पियो से उसका पीछा करने लगे. इस दौरान स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने फॉर्च्यूनर को रोकने के लिए अंधाधुंध फायरिंग कर दी। दोस्तो इसी घटना के बाद आप ये नाकबंदी देख रहे हैं ये चेंकिग की तस्वीरे देख रहे हैं, लेकिन ये क्या हमेशा होता रहा है दी नहीं, क्या ये आगे भी ऐसा ही देखने को मिलेगा। शायद इसका जवाब भी आप लोग बेहतर तरीके से जानते हैं। लेकिन ये हाल का पूरा घटनाक्रम देहरादून के राजपुर इलाके में जोहड़ी गांव के पास मसूरी रोड पर हो रहा था।
इस दौरान रोज की तरह फौज के रिटायर्ड जोशी अपने साथियों के साथ मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। स्कॉर्पियो सवार बदमाशों द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ फायरिंग में एक गोली रिटायर्ड ब्रिगेडियर को लग गई। उनके साथियों को इसका अहसास तब हुआ जब वो धड़ाम से नीचे गिर गए। साथियों ने उन्हें उठाया तो उनके सीने से खून निकलता दिखा जैकेट हटाई तो देखा सीने पर छेद हुआ है, तब वो लोग समझे कि कार सवार जो फायरिंग कर रहे थे, उनकी गोली रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी को लगी है। रिटायर्ड फौजी अफसर के साथी उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके. रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की मौत हो गई। इससे देहरादून के लोगों में आक्रोश फैल गया। अस्पताल में मौजूद लोगों ने एसएसपी को काफी खरी-खोटी सुनाई। लोगों ने आरोप लगाया कि पब, बार, क्लब, होटल और रेस्टोरेंट निर्धारित समय के बाद भी खुले रहते हैं. कोई उनकी चेकिंग करने वाला नहीं है। दोस्तो देहरादून पुलिस की लापरवाही की चर्चा होने लगी। इसके बाद देहरादून पुलिस ने एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के नेतृत्व में देर रात तक निर्धारित समय के बाद तक खुलने वाले क्लब, बार, होटल और रेस्टोरेंटों पर छापा मारा। एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक, एसपी देहात ने खुद एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमों के साथ नगर क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान संबंधित क्षेत्राधिकारियों के साथ अलग- अलग पुलिस टीमों द्वारा निर्धारित समयावधि के बाद खुलने वाले बार/ रेस्टोरेंट पर की गई कार्रवाई की गई। दोस्तो दरअसल जब पिछले दिनों दो छात्र गुटों के बीच हुई झड़प में जब एक छात्र की जान चली गई थी तो उसके बाद से देहरादून पुलिस ने ‘ऑपरेशन नाइट वॉच’ लॉन्च किया। यानी पुलिस रात भर सक्रिय रहेगी और शहर में होने वाली किसी भी गैर कानूनी कार्रवाई पर एक्शन लेगी, लेकिन पुलिस के इस अभियान की पोल सोमवार सुबह ही खुल गई। इसके बाद सोमवार रात से फिर इस अभियान को सख्ती से लागू करने का पुलिस ने दावा किया है। SSP प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार देहरादून पुलिस ने अभी तक इस मामले में 4 आरोपियों गो गिरफ्तार किया है, हालांकि ये आरोपी उस फॉर्च्यूनर कार में सवार थे, जिस पर स्कॉर्पियो सवार लोग फायरिंग कर रहे थे। स्कॉर्पियो सवार चार अराजक तत्व अभी पुलिस की गिरफ्तार से बाहर हैं। देहरादून की रातों और सड़कों का काला सच।रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या और बढ़ते अपराध ने पुलिस को सड़क पर उतरने को मजबूर किया।‘ऑपरेशन नाइट वॉच’ के तहत देर रात तक चल रही छापेमारी और नाकाबंदी इस बात का सबूत है कि कानून-व्यवस्था पर पूरी नजर रखी जा रही है हालांकि, कई आरोपी अभी भी फरार हैं और जनता सवाल कर रही है—क्या देहरादून फिर से सुरक्षित शहर बन पाएगा?