उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस के एक बड़े सम्मेलन में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। मंच से दिए गए उनके तीखे शब्दों को लेकर अब भाजपा और धार्मिक संगठनों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। “सनातन” को लेकर दिए गए बयान के बाद प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है। और सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक इस मुद्दे की गूंज सुनाई दे रही है। दोस्तो जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है सियासी पारा भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। इस बार तो भरे मंच से ऐसे-ऐसे आरोप लगे कि बीजेपी के नेता पहले सिर्फ इधर-उधर देखने को मजबूर दिखिइ दिए, लेकिन बात में बीजेपी वालों ने भी आक्रामक रुख अपनाने की रणनीति बना डाली लेकिन दोस्तो इस बार भी पूर्व कैबिनेट मंत्री ने ऐसे-ऐसे आरोप बीजेपी वालों पर लगाए देखेंगे तो दंग रह जाएंगे। बात महिलाओं की हो रही रही थी और इस अंकिता भंडारी को न्याय की आवाज भी खूब सुनाई दी।
दोस्तो मसूरी में आयोजित कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत ने अपने तीखे और विवादित बयानों से सियासी माहौल गर्मा दिया है। मंच से उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और सनातन विचारधारा से जुड़े लोगों पर सीधा हमला बोला, जिससे राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हरक सिंह रावत ने कहा कि देश और प्रदेश में जो भी नकारात्मक घटनाएं हो रही हैं, उसके लिए उन्होंने भाजपा और सनातन विचारधारा से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया. उनके इस बयान से सूबे में सियासी घमासान मचना तय है। दोस्तो वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत ने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं, उन्होंने कई घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अपराध करने वाले जयादतर सनातनी हैं, जो भाजपा से जुड़े हुए हैं। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया, जो सरकार की नीयत पर सवाल उठाता है. उन्होंने कहा कि अकिंता भंडारी की हत्या का आरोपी भी सनातनी ही था। हरक सिंह रावत ने प्रदेश में हुए पेपर लीक मामलों को लेकर भी भाजपा सरकार पर आरोप लगाए।
दोस्तो हरक सिंह ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य खतरे में है। इन मामलों में सत्ता से जुड़े लोगों की भूमिका होने की आशंका है। उन्होंने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि सत्ता का दुरुपयोग कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की। हरक सिंह रावत ने कहा कि जिस उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ था, वह सपना अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास नहीं हुआ। सम्मेलन के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी उन्हें अवसर देती है तो वह मसूरी से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। इसे स्थानीय राजनीति में एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है तो ये था मसूरी के कांग्रेस सम्मेलन से निकला सियासी बयान, जिसने एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। हरक सिंह रावत के इन तीखे आरोपों के बाद जहां सियासी गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है, वहीं भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव और बढ़ता नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि इन बयानों पर सियासत किस दिशा में जाती है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कौन कितना पलटवार करता है फिलहाल इस पूरे विवाद ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है।