Uttarakhand में बड़ा सियासी बदलाव! | Cabinet Expansion | BJP | Mahendra Bhatt | Uttarakhand News

Spread the love

जी हां दोस्तों, एक बड़ी खबर सामने आ रही है उत्तराखंड में होली से पहले बड़ा सियासी धमाका होने जा रहा है! दर्जा मंत्रियों की नई सूची तैयार हो चुकी है और राजतिलक की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बदलाव से प्रदेश की राजनीति में नया रंग और ताकत दिखेगी क्या होली से पहले ही उत्तराखंड में होगा नया ? दोस्तो वैसे बीजेपी कब क्या करती है कुछ भी पता नहीं क्योंकि मंत्रीमंडल विस्तार की बात करते करते वो पूरानी सी लगने लगी है। ये तब है जब प्रदेश में पांच से 6 पद खाली हैं यानि की आधे मेंत्रियों के कंधों पर सारा भार है उसमें सबसे ज्यादा भार खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री धामी उठाए हुए हैंलेकिन दोस्तो ऐसी क्या मजबूरी है कि आपके पास इतने भारी संख्या में विधायक होने के बाद भी मत्रिमंडल विस्तर नहीं कर पा रहे हैं। क्या अगर पूरे मंत्री होते तो प्रदेश का माहौल कुछ और नहीं होता कहने वाले तो ये भी कहते हैं कि सारे मंत्री ओवर लोड हैं इसलिए हर क्षेत्र में प्रभाव साफ देखा जा रहा है लेकिन इधर एक खबर जो निकल कर आ रह ही है वो बताता हूं और हां ये मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर खबर नहीं है क्योकि बीजेपी वालों के आज कल चक्कर में मेने भी कई बार इस खबर को दिखाया कि मंत्रिमंडल विस्तार दिवाली तक हो जाएगा।

नए साल पर हो जाएगा लेकिन हुआ नहीं तो आज जो खबर है वो ये कि 20 से अधिक बीजेपी नेता जल्द ही दायित्वधारी मंत्री बन सकते हैं। सत्ता में भागीदारी की उम्मीदें लगाए नेताओं का सपना जल्द ही साकार होने वाला है। मंत्रिपरिषद विभाग ने सभी विभागों में वर्तमान में दायित्वों वाले रिक्त पदों का ब्योरा एकत्र करना शुरू कर दिया है। मंत्रिपरिषद विभाग के उप सचिव आलोक कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी प्रमुख सचिव और सचिवों को पत्र भेजते हुए रिक्त पदों का विवरण मांगा है। उन्होंने विभागवार भरे हुए और रिक्त दोनों श्रेणियों का ब्योरा मांगा है। इसके साथ ही दायित्व के पद के लिए तय शैक्षिक योग्यता, आयु सीमा की जानकारी भी मांगी है। दोस्तो मंत्रिपरिषद विभाग की इस कवायद से भाजपा में अंदरखाने खूब हलचल है। दोस्तो ये भी बता हूं कि धामी कैबिनेट के विस्तार और दायित्व वितरण का इंतजार किया जा रहा है। कुछ समय पहले प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट दायित्व वितरण को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ चर्चा भी कर चुके हैं। होली तक 20 से अधिक वरिष्ठ भाजपा नेता दर्जाधारी मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसे लेकर पार्टी में चर्चाएं चल रहीं हैं। इधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के मुताबिक दायित्व वितरण को लेकर सरकार और संगठन की वार्ता हो चुकी है। पार्टी करीब 20 से ज्यादा वरिष्ठ नेताओं के नाम की सूची दे चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही दायित्व वितरण हो जाएगा। इसके आलावा एक ये भी खबर कि 72 नेता बन चुके हैं दर्जा मंत्री।

दोस्तो उत्तराखंड के विभिन्न आयोग, निगम, परिषदों में 200 से ज्यादा ऐसे पद हैं जहां सरकार जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सलाहकार, सदस्य आदि पदों पर नियुक्त करती है। अब तक राज्य के प्रमुख आयोग, निगम और परिषदों में विभिन्न चरणों में 72 लोगों को दायित्व दिए जा चुके हैं। इनमें 62 लोग राज्य सरकार के राज्यमंत्री दर्जाधारी हैं। वहीं, 10 वरिष्ठ नेताओं को आयोगों का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा दोस्तो उत्तराखंड में दायित्व वितरण की उम्मीद चुनावी वर्ष होने की वजह से भी ज्यादा है तय समय पर चुनाव होने पर अगले साल जनवरी में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। लिहाजा भाजपा संगठन भी सरकार पर पार्टी नेताओं को दायित्व देने के लिए दबाव बनाए हुए है। संगठन का मानना है कि यदि दायित्व वितरण हो जाते हैं तो इसका लाभ चुनाव के दौरान भी मिलेगा।इसी को देखते हुए ये माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही दायित्वों का वितरण कर सकती है। दोस्तो, भाजपा में मंत्रिपरिषद विस्तार और दायित्व वितरण को लेकर जो लंबी अनिश्चितता बनी हुई थी, वह अब खत्म होने की कगार पर है। 20 से अधिक वरिष्ठ नेताओं को जल्द ही दर्जाधारी मंत्री बनाए जाने की संभावना ने पार्टी के भीतर उम्मीदों को जगाया है। चुनावी वर्ष के मद्देनजर यह कदम भाजपा के लिए रणनीतिक भी है, जिससे संगठन को चुनावी तैयारी में मजबूती मिलेगी। वहीं, खाली पड़े पदों पर सही लोगों को बैठाने से प्रदेश में प्रशासनिक कामकाज और जनहित के मुद्दों में भी तेजी आएगी। अब देखना होगा कि इस बार ये दायित्व वितरण वाकई हो पाता है या फिर फिर वही पुरानी बातें चली जाती हैं। लेकिन इतना तय है कि उत्तराखंड की राजनीति में आने वाले दिनों में ये बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।