उत्तराखंड की पंचायतों बड़ी राहत! | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तों, उत्तराखंड की पंचायतों के लिए बड़ी खुशखबरी!केंद्र सरकार के फंड के बाद अब राज्य सरकार ने भी खजाना खोला और पंचायतों को करोड़ों का बजट जारी किया है। दोस्तो कुल ₹139 करोड़ की यह बड़ी राहत ग्रामीण विकास और स्वच्छता के कामों में नई गति लाएगी, किस पंचायत को कितनी धनराशि मिली और यह पैसा कहां खर्च होगा। दोस्तो ये खबर अपने प्रदेश के अच्छी लगती है क्योंकि केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने उत्तराखंड की पंचायतों के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत ₹139 करोड़ से अधिक के ‘टाइड ग्रांट’ की सिफारिश की है। इस धनराशि से प्रदेश की 7,925 त्रिस्तरीय पंचायतों में पेयजल और स्वच्छता से जुड़े विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। दोस्तो उत्तराखंड में ग्रामीण विकास और पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में धामी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा फंड की मंजूरी के बाद अब निदेशालय पंचायती राज, उत्तराखंड ने प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत ₹93.14 करोड़ से अधिक की धनराशि जारी कर दी है। दोसतो पंचायती राज निदेशालय द्वारा 30 मार्च 2026 को जारी आदेश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रथम किश्त की अवशेष राशि और द्वितीय किश्त को मिलाकर कुल ₹93,14,83,000 आवंटित किए गए हैं। यह फंड ‘अनटाFड ग्रांट’ के रूप में दिया गया है, जिसका उपयोग पंचायतें अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों में कर सकेंगी।

किसे कितनी मिली धनराशि

  • ग्राम पंचायतें: ₹7,02,483.00 (लगभग ₹70.25 करोड़)
  • क्षेत्र पंचायतें: ₹91,600.00 (लगभग ₹9.16 करोड़)
  • जिला पंचायतें: ₹1,37,400.00 (लगभग ₹13.74 करोड़)
  • दोस्तो जनपदवार बजट का आवंटन देखिए IFMS उत्तराखंड के आंकड़ों के अनुसार विभिन्न जनपदों के जिला पंचायत राज अधिकारियों (DPRO) को बजट हस्तांतरित कर दिया गया है।

किस जिले को मिला कितना बजट?

  • हरिद्वार को ₹7.73 करोड़
  • पौड़ी गढ़वाल को ₹7.46 करोड़
  • अल्मोड़ा को ₹8.23 करोड़
  • ऊधम सिंह नगर को ₹6.53 करोड़
  • पिथौरागढ़ को ₹6.39 करोड़
  • देहरादून को ₹4.45 करोड़ रुपए मिले है।

दोस्तो निदेशक पंचायती राज IAS निधि यादव ने बताया कि ने समस्त जिला पंचायत राज अधिकारियों और अपर मुख्य अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्राम पंचायतों हेतु निर्धारित धनराशि कोषागार पोर्टल (IFMS) के माध्यम से तत्काल आवंटित की जाए। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि आवंटन में देरी होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित आहरण वितरण अधिकारी की होगी। दोस्तो इस बजट के जारी होने से उत्तराखंड की हजारों ग्राम पंचायतों में रुके हुए स्थानीय विकास कार्य जैसे सीसी मार्ग निर्माण, स्ट्रीट लाइट और सामुदायिक केंद्रों का रखरखाव, तेजी से पूरे हो सकेंगे। इसके अलावा भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल और स्वच्छता विभाग) ने 30 मार्च 2026 को जारी एक मेमोरेंडम के जरिए उत्तराखंड के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत टाइड ग्रांट (Tied Grant) की सिफारिश भी की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी किस्त, उत्तराखंड के लिए कुल ₹136.58 करोड़ की धनराशि की सिफारिश की गई है। ग्राम पंचायतें में ₹102.37 करोड़ (कुल 7,817 में से 7,766 पात्र पंचायतों के लिए) ब्लॉक पंचायतें ₹13.59 करोड़ (95 में से 94 पात्र पंचायतों के लिए) जिला पंचायतें- ₹20.61 करोड़ (सभी 13 जिला पंचायतों के लिए) दोस्तो यहां मै आपको ये बता दूं कि पहली किस्त का जो पैसा कुछ शर्तों के कारण रुका हुआ था, उसमें से ₹2.89 करोड़ जारी करने की सिफारिश भी की गई है। इसमें ₹2.61 करोड़ अतिरिक्त 198 पात्र ग्राम पंचायतों के लिए हैं। 0.28 लाख अतिरिक्त 2 पात्र ब्लॉक पंचायतों के लिए आवंटित किए गए हैं। केंद्र सरकार ने यह फंड उन पंचायतों के लिए जारी किया है, जिन्होंने कुछ शर्तें पूरी की हैं। इनमें eGramSwaraj पोर्टल पर स्वच्छता और पेयजल आपूर्ति के लिए अपनी ‘एक्शन प्लान’ अपलोड कर दी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अपनी ‘ईयर बुक्स’ क्लोज कर दी हैं और 2023-24 के लिए ऑडिट रिपोर्ट जेनरेट कर ली है तो दोस्तों, यह थी उत्तराखंड की पंचायतों के लिए बड़ी राहत की खबर। केंद्र और राज्य सरकार की इस पहल से अब ग्रामीण इलाकों में पेयजल, स्वच्छता, सड़क निर्माण और सामुदायिक केंद्रों के विकास कार्य तेजी से पूरे होंगे। पंचायतों को मिली यह राशि उनके स्थानीय विकास की नई उड़ान भरने में मदद करेगी। ध्यान रहे, इस फंड का सही और समय पर उपयोग ही हमारी पंचायतों की प्रगति और जनता की भलाई सुनिश्चित करेगा।