उत्तराखंड की राजनीति में एक जोरदार सनसनी! LIVE कैमरे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा—‘BJP गई। BJP गई!’इस बयान ने सभी राजनीतिक दलों और जनता में चर्चा की लहर पैदा कर दी है।अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या वास्तव में उत्तराखंड से BJP की विदाई होने वाली है, और सरकार को किस दिशा में कदम उठाने होंगे। Uttarakhand Congress Protest दोस्तो देहरादून की सड़कों पर सियासी तापमान चरम पर रहा लोक भवन कूच के लिए निकले हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बीच रास्ते में हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा—बीजेपी को सत्ता से बेदखल किया जाएगा। कुछ देर बाद सभी कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया, लेकिन सियासी संग्राम और तेज हो गया है। क्या यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा? क्योंकि कांग्रेस के इस हो हल्ले पर बीजेपी अध्यक्ष का गजब का रिएक्शन आया है वो भी दिखाउंगा आपको। दोस्तो उत्तराखंड के विभिन्न मुद्दों को लेकर लोक भवन घेराव करने जा रहे कांग्रेसियों को भारी पुलिस बल ने हाथीबड़कला में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। कुछ कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और जमकर प्रदर्शन किया। वहीं, पुलिस ने करीब 500 कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, फिर बसों में भरकर पुलिस लाइन छोड़ दिया।
कांग्रेस के लोक भवन घेराव में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा भी शामिल हुईं। काफी देर तक हंगामा होने के बाद पुलिस ने कुमारी शैलजा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन भेज दिया। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और उनके समर्थक पहला बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्य बैरिकेड्स तक पहुंचने में सफल भी रहे, लेकिन वहां से आगे जाने नहीं दिया गया। जबकि, पहले से ही पार्टी के सभी बड़े नेता और विधायकगण सड़क पर लगाए गए मुख्य बैरिकेड के ऊपर चढ़कर प्रदर्शन करते रहे. इसके बाद मुख्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और उनके समर्थक पहला बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्य बैरिकेड्स तक पहुंचने में सफल भी रहे, लेकिन वहां से आगे जाने नहीं दिया गया। जबकि, पहले से ही पार्टी के सभी बड़े नेता और विधायकगण सड़क पर लगाए गए मुख्य बैरिकेड के ऊपर चढ़कर प्रदर्शन करते रहे. इसके बाद मुख्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
दोस्तो गणेश गोदियाल बोले- बीजेपी को राज्य से किया जाएगा अपदस्थ। पुलिस हिरासत में लिए गए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदयाल ने कहा कि राज्य की सरकार ने पुलिस के बल पर जन भावनाओं को दबाने का काम किया है। यहां से सभी कांग्रेस जनों को गिरफ्तार करके ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को राज्य से अपदस्थ करने के लिए उनका यह प्रतिरोध आगे भी जारी रहेगा। उत्तराखंड कांग्रेस के लोकभवन घेराव कार्यक्रम पर बीजेपी ने निशाना साधा हैँ। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना हैँ कि अच्छा होता कांग्रेसी नेता जनता का मुद्दा उठाने का काम करते जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस घेराव कर रही हैँ. उन पर तो सरकार पहले ही फ़ैसले लें चुकी हैँ। ऐसे में कांग्रेस को घेराव छोड़कर जनता के बीच जगह बनाने का काम करना चाहिए। दोस्तों, देहरादून की सड़कों पर आज जो सियासी टकराव देखने को मिला, उसने साफ कर दिया है कि उत्तराखंड की राजनीति अब नए मोड़ पर खड़ी है। हजारों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, दिग्गज नेताओं की हुंकार और ‘BJP गई’ जैसे नारों ने माहौल पूरी तरह गरमा दिया है। कांग्रेस इसे जनभावनाओं की आवाज बता रही है, तो वहीं बीजेपी भी पलटवार के मूड में नजर आ रही है। अब देखना होगा कि यह आंदोलन सत्ता परिवर्तन की भूमिका बनेगा या फिर सियासी शोर तक ही सिमट जाएगा फिलहाल उत्तराखंड की राजनीति में घमासान तेज है—हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए उत्तराखंड न्यूज के साथ।