उत्तराखंड बीजेपी में अब सियासी घमासान खुलकर सामने आ गया है! जिस विधायक पर विपक्ष हमलावर था, अब उसी के खिलाफ अपनों ने ही मोर्चा खोल दिया है। खटीमा की हार का जिम्मेदार कौन—इस सवाल पर बीजेपी नेताओं के बयान पार्टी के भीतर भूचाल ला रहे हैं। पूरानी बातों को नया कर बड़ा बवाल काट रहे हैं, गदरपुर विधायक अरविंद पांडे के बयानों से संगठन इतना असहज हुआ कि अब खुलकर आरोप लगाए जा रहे हैं। दोस्तो उधम सिंह नगर के गदरपुर से बीजेपी विधायक अरविंद पांडे के अपनी ही सरकार के खिलाफ दिए बयानों पर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब इस पूरे मामले पर बीजेपी संगठन सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में खटीमा में उधम सिंह नगर जिले के बीजेपी पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अरविंद पांडे के व्यवहार और बयानों को पार्टी को असहज करने वाला बताया। दोस्तो ये आग ऐसे ही नहीं सुलग रही है। दरअसल बीजेपी के शीर्ष नेता अनिल बलूनी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और अन्य नेताओं के गदरपुर विधायक अरविंद पांडे से मिलने के कार्यक्रम के निरस्त होने के बाद पूरे प्रकरण में पार्टी संगठन के सक्रिय होने के संकेत मिलने लगे हैं, जिले में भारतीय जनता पार्टी संगठन के जिला उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडे और जिला महामंत्री रमेश चंद्र जोशी बता रहे हैं। बीजेपी जिला उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडे ने विधायक अरविंद पांडे पर गंभीर आरोप लगाया. अमित पांडे ने कहा कि ‘बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधायक अरविंद पांडे, मुख्यमंत्री और सरकार को अपने बयानों से बदनाम करने का काम कर रहे हैं। इससे पार्टी के लिए कार्य करने वाला सामान्य कार्यकर्ता बेहद भ्रमित है। विधायक पांडे जिस तरह सीएम धामी के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, उन्हें सोचना चाहिए कि सीएम धामी की वजह से आज पूरे देश में उत्तराखंड का नाम हुआ है।’ उन्होंने कहा कि ‘अरविंद पांडे अपने बयानों से पूरे प्रदेश में बीजेपी का माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं।
जी हां द्सोत दोस्तो बीजेपी के नेताओं को लगता है कि बीजेपी विधायक अरविंद पांडे की टीम ने सीएम धामी को बीते विधानसभा चुनाव में हराने के लिए प्रायोजित तरीके से खटीमा में अपनी टीम के माध्यम से कांग्रेस प्रत्याशी के बढ़त दिलाने का काम किया। जिससे खटीमा में सीएम धामी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इधर बीजेपी जिला महामंत्री रमेश चंद्र जोशी ने बीजेपी विधायक अरविंद पांडे के बयानों से पार्टी संगठन के असहज होने की बात कही। उन्होंने कहा कि ‘पार्टी के वरिष्ठ नेता अरविंद पांडे की ओर से खुलेआम दिए जा रहे बयानों से पार्टी संगठन असहज हो रहा है। विधायक पांडे, कांग्रेस से भी ज्यादा सरकार और संगठन के खिलाफ बयानबाजी कर पार्टी को पूरे प्रदेश में असहज करने का काम कर रहे हैं।’ उन्होंने विधायक को अपनी बातों को खुलेआम न बोलकर पार्टी संगठन के समक्ष रखने की भी नसीहत दी तो कुल मिलाकर तस्वीर अब साफ होती जा रही है। गदरपुर विधायक अरविंद पांडे के बयानों ने बीजेपी के भीतर असहजता ही नहीं, बल्कि खुला टकराव पैदा कर दिया है। खटीमा में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस ये संकेत दे रही है कि अब मामला सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संगठन इसे गंभीर अनुशासन का विषय मान रहा है। पार्टी पदाधिकारियों के आरोप बेहद गंभीर हैं—सीएम धामी की छवि को नुकसान पहुंचाने से लेकर खटीमा चुनाव में भूमिका पर सवाल तक वहीं संगठन की ओर से यह साफ संदेश भी दे दिया गया है कि अंदरूनी मतभेदों को सार्वजनिक मंच पर लाना पार्टी के लिए नुकसानदेह है। अब बड़ा सवाल यही है— क्या बीजेपी संगठन विधायक अरविंद पांडे पर कोई ठोस कार्रवाई करेगा?