Haldwani बनभूलपुरा ‘उपद्रवियों के लिए शहर में जगह नहीं’ | Gajraj Bisht | Uttarakhand News

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में बीजेपी मेयर के बयान ने सनसनी फैला दी है। उन्होंने हिंसा में शामिल उपद्रवियों को लेकर बेहद सख्त संदेश दिया है। मेयर ने साफ कहा है कि शहर में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। यह बयान स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बन गया है, क्या है नया विवाद, दोस्तो हल्द्वानी का बनभूलपुरा एक बार फिर चर्चा में है। चर्चा यहां कई तरह की खबरों को लेकर है, जैसा की सुप्रीम कोर्ट के कहने पर अब बनभूलपुरा से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू हो गया तो ऊदर एक बयान ने मामले में नया ट्विष्ट ला दिया है। दोस्तो नैनीताल जिला मुख्यालय हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर किए गए अतिक्रमण मामले पर मेयर गजराज बिष्ट ने बड़ा दिया है। उन्होंने बनभूलपुरा हिंसा में शामिल लोगों को रेलवे अतिक्रमण क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए। दोस्तो मेयर गजराज बिष्ट ने प्रशासन से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उनके भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार करने की मांग की है। दरअसल, दोस्तो हल्द्वानी के ब्लॉक सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मेयर गजराज बिष्ट ने बनभूलपुरा हिंसा को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया।

दोस्तो बीजेपी मेयर ने 8 फरवरी 2024 को हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि उस घटना में शामिल लोगों ने कानून व्यवस्था को चुनौती दी थी और पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मचारियों व मीडिया से जुड़े लोगों के साथ मारपीट जैसी गंभीर घटनाएं सामने आई थीं। साथ ही दोस्तो मेयर गजराज बिष्ट ने साफ कर दिया कि ऐसे लोगों को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए। खास तौर पर उन्होंने रेलवे अतिक्रमण क्षेत्र में चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि उपद्रवियों को इस योजना से वंचित रखा जाना चाहिए। दोस्तो यहां मेयर का मानना ये है कि जो लोग कानून तोड़ते हैं और हिंसा में शामिल होते हैं, उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का फायदा देने से गलत संदेश जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से यह भी अपील की कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. मेयर ने यह सवाल भी उठाया कि क्या दंगे में शामिल लोगों को हल्द्वानी में रहने दिया जाना चाहिए या नहीं, इस पर भी प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। अब दोस्तो इस बयान का कितना असर होता है। सुप्रीम कोर्ट ने तो ऐसा कुछ कहा नहीं अपने कमेंट में दोस्तो हाल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनभूलपुरा में रेलवे की जमीन पर कब्जा करके रह रहे लोगों के पुनर्वास की योजना बनाने को कहा था। ऐसे प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जाने की बात भी कही जा रही है।

इसी बीच हल्द्वानी के गजराज बिष्ट का बड़ा बयान। उन्होंने ऐसे ही लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना तहत मकान नहीं देने की वकालत की है, जिनका नाम 2024 की हल्द्वानी बनभूलपुरा हिंसा में आया है। दोस्तो गैर करने वाली बात ये कि आठ फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अतिक्रमण पर कार्रवाई करने गई नगर निगम और प्रशासन की टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल हो गया था। उपद्रवियों ने शहर में जगह-जगह आगजनी भी थी। ऊधर दोस्तो अब एक और खबर ये निकल कर आई कि बनभूलपुरा और रेलवे के बीच अतिक्रमण के मामले में अब रेलवे और प्रशासन सक्रिय हो चुका है। रेलवे के अनुसार यहां उसकी लगभग 31 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण हुआ है, जिसे हटाने के प्रयास जारी हैं। इसके लिए वर्ष 2024 में रेलवे की टीम ने क्षेत्र में सर्वे किया था। इस दौरान कई घरों में ताला लगे होने के कारण वे सर्वे में शामिल नहीं हो सके। ऐसे लगभग 10 घरों को रेलवे अब नोटिस भेजने जा रहा है। दोस्तो हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पास में बसा बनभूलपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का मामला पिछले 10 वर्षों से हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। रेलवे के दावों के अनुसार, अतिक्रमित क्षेत्र में 3660 घर हैं, जिनमें लगभग 27 हजार लोग निवास करते हैं। इस क्षेत्र में चार मदरसे और 21 धार्मिक स्थल भी हैं, जिनमें अधिकांश मस्जिदें और कुछ मंदिर शामिल हैं।

इसके अलावा, यहां पांच सरकारी स्कूल और एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी स्थित है, जिससे यह क्षेत्र बड़ी आबादी का केंद्र बन गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए रेलवे की टीम ने जिला प्रशासन की सहायता से वर्ष 2024 में अक्टूबर से दिसंबर तक सर्वे किया था। इस सर्वे के दौरान कई घर छूट गए थे, क्योंकि कई घरों में ताला लगा था और परिवार मौके पर नहीं मिल पाए थे। अब रेलवे उन घरों को नोटिस देने की तैयारी कर रहा है। हाल ही में, 24 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद स्थानीय प्रशासन और रेलवे अतिक्रमणकारियों के पुनर्वास की योजना बना रहे हैं। दोस्तो, हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में अतिक्रमण और हिंसा का मामला अभी भी गर्म है। मेयर गजराज बिष्ट का सख्त बयान और प्रशासन-रेलवे की सक्रियता इस विवाद को और बढ़ा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फैसले किस दिशा में जाते हैं। इतना तो तय की बनभूलपुरा से अतिक्रण हटाया जाएगा हैक्योंकि इस सुप्रीम मुहर भी लग चुकी है, लेकिन गजराज बिष्ट के बयान को लेकर आप क्या कहेंगे। क्या उपद्रव करने वालों को योजना का लाभ मिलना चाहिए या फिर नहीं। ये सवाल इसलिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में ऐसा कुछ नहीं कहा है अपने आदेश में की योजना का लाभ किसे मिलना चाहिए किसे नहीं।