BJP सांसद ने ये वादे किए पूरे तो कुछ रह गए अधूरे !| Uttarakhand News | Ganesh Godiyal

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कभी मंत्रियों और सांसदों ने गांव गोद लेकर मॉडल विकास का वादा किया था। लेकिन कुछ गांव को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर गांव में न गोद लेने वाले मंत्री पहुचे न सांसद अब कांग्रेस इन्हीं गांवों में सच्चाई तलाशने निकल रही है। जमीनी हाल कई गांव आज भी सड़क, पानी और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों से दूर हैं, तो वहीं बीजेपी कह रही है। कि कांग्रेस पहले अपने 19 विधानसभा क्षेत्रों की हालत देख ले, 2027 में आंकड़ा और कम न हो जाए। सांसद आदर्श ग्राम योजना और मंत्रियों के गोद लेने वाली योजनाएं वक्त-बेवक्त मंचों से दावा हुआ कि ये गांव मॉडल बनेंगे, विकास का चेहरा बदल देंगे। लेकिन कागज़ पर दिखने वाला मॉडल, जमीन पर कहीं नजर नहीं आया। कई गांवों में आज भी सड़क टूटी है, पानी अनियमित है, स्वास्थ्य सुविधा नाम की चीज़ नहीं, और स्कूलों की हालत बदहाल। कांग्रेस अब इन गांवों में जाकर इस हकीकत को पूरे प्रदेश में दिखाने की तैयारी में है। ताकि पता चल सके कि कौन-सा वादा सिर्फ फोटो तक सीमित रहा, और पुरे प्रदेश में इन विकास के मॉडल की पोल खोलेगी।

ऐसा ही रुद्रप्रयाग का देवली भणी ग्राम है जो कभी सांसद ग्राम घोषित हुआ था। लेकिन इसका विकास भी आज तक धरातल पर नहीं दिखा। वहीं कांग्रेस के अभियान पर बीजेपी ने भी सीधा तंज कसा है। भाजपा विधायक विनोद चमोली का कहना है। कांग्रेस को आज किसी चीज में विकास नहीं दिखता। कांग्रेस अच्छी सड़क पर आंख बंद करके चलते है और खराब बता देते है। कांग्रेस को जाना चाहिए ओर चुनाव लड़ने के लिए मुद्दे ढूंढने चाहिए। साफ है गांवों के विकास पर शुरू हुआ ये अभियान अब 2027 की राजनीति का नया मोर्चा बन सकता है। पर असली सवाल यही है इन गांवों को कब विकास मिलेगा और कैसे, क्यूंकि गोद लेने के बाद न तो सांसद और न ही मंत्रियों ने गांवों में पलट कर देखा। आज गांव अपने विकास की राह देख रहे है।