उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के शुरू होते ही पर्यटकों की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालु क्षमता से ज्यादा तादाद में पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की धामों में बढ़ती मौत को देखते हुए शासन प्रशासन अपनी अपनी सफाई दे रहा है। वही भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शादाब शम्स द्वारा चार धाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की मौत पर दिए गए एक बयान ने शनिवार को विपक्षी दलों द्वारा टिप्पणी के लिए भाजपा पर तीखा हमला शुरू कर दिया। शम्स ने शनिवार को कहा था कि तीर्थयात्री यहां इतनी आस्था के साथ आते हैं कि उन्हें लगता है कि तीर्थयात्रा के दौरान उनकी मृत्यु भी हो जाएगी तो उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी।
गौरतलब है कि चार धाम यात्रा के दौरान अब तक 32 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। इन मौतों को लेकर राज्य सरकार विभिन्न हलकों में घिर रही है और चार धाम तीर्थयात्रियों के लिए सरकार द्वारा की गई व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। भाजपा नेता शम्स के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उत्तराखंड कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा नेताओं का दिमाग खराब हो गया है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि शम्स अपनी सरकार की छवि को बचाने के लिए ऐसी बेतुकी टिप्पणी कर रहे हैं जो घोर कुप्रबंधन और चार धाम यात्रा के लिए पर्याप्त तैयारी करने में विफलता से आहत हो रही है। अगर उन्हें लगता है कि यात्रा में मरने वाले लोग मोक्ष प्राप्त कर रहे हैं, तो मैं शम्स को सुझाव दूंगा कि उन्हें भी हज यात्रा पर जाना चाहिए और मोक्ष प्राप्त करना चाहिए।
शम्स के कथित बयान पर आम आदमी पार्टी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के मीडिया प्रभारी अमित जोशी ने कहा कि शम्स का बयान बेहद निंदनीय है और हिंदू धर्म के अनुयायियों का अपमान है। उन्होंने कहा कि यात्रा में तीर्थयात्रियों की मौत कुप्रबंधन और चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण हो रही है, लेकिन शम्स ने तीर्थयात्रियों की मौत का बोझ उन्हीं पर डाला है जो बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। भाजपा प्रवक्ता को तीर्थयात्रियों और राज्य के लोगों से अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।