BJP का निकाला हुआ माल कांग्रेस में!’ | Mahendra Bhatt | CM Dhami | Harish Rawat | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो उत्तराखंड की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हो गया वो जिसका अंदेशा था लेकिन होकर रहेगा ये किसी ने सोचा नहीं था। कांग्रेस ने एक बड़ा दांव चल दिया है और परेशानी बीजेपी की बढा दी हैं। खबर ये कि उत्तराखंड की सियासत में बड़ा भूचाल आ चुका है लेकिन बस आधिकारिक तस्वीर आना बांकि है। क्या बीजेपी के नाराज नेता बीजेपी से अलग हो रहे हैं.. क्या वो कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं, लेकिन कब। कब नहीं दोस्तो सूत्र बता रहे हैं कि महज कुछ घंटो के बाद उत्तराखंड की सियासत में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। दोस्तो इस बार कांग्रेस ने किया गेम आगे देखिए कैसे। दोस्तो उत्तराखंड में अगले साल 2027 में विधानसभा होने है। चुनावी से पहले बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बीजेपी को घेरने के लिए कांग्रेस ने मिशन शुरू किया था। इसके संकेत बीते दिनों नेता प्रतिपक्ष विधानसभा में यशपाल आर्य ने दिए थे। अब वो क्या सच हो रहा है। दोस्तो राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने में जुट गए हैं. इस बीच कांग्रेस ने भाजपा को सीधे टारगेट किया है। तरगेट किया बीजेपी से नाराज चल रहे नेताओं को..दोस्तो सूत्र ये बता रहे हैं बहुत जल्द बड़े स्तर पर ज्वाइनिंग कार्यक्रम होने जा रहा है..वो भी दिल्ली में इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के कई प्रभावशाली नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को भी दिल्ली बुलाया गया।

दोस्तो आगे मै आपको वो नाम बताने जा रहा हूं जो अब कांग्रेंस के कहलाएंगे, लेकिन दोस्तो बीजेपी की प्रतिक्रिया देखेंगे तो गजब की है। बीजेपी से कांग्रेस में जाने वाले नेताओं पर महेंद्र भट्ट की प्रतिक्रिया आई तो इस पर एक नया विवाद शुरू हो चुका है, तो दोस्तो क्या बीजेपी अपने कर्मठ समर्पित कार्यक्रताओं को सिर्फ माल समझती है। आप बताना इस पर कहना कहना चाहिए लेकिन मै जहा उन नेताओं की बात कर लेता हूं जिसको लेकर महेंद्र भट्ट ने ये बयान दिया। मसूरी विधानसभा सीट से नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके अनुज गुप्ता को कांग्रेस भा गई इस सीट से भाजपा के विधायक गणेश जोशी हैं, जो राज्य सरकार में मंत्री भी हैं।

रुड़की सीट पर भी कांग्रेस ने बड़ी रणनीति बनाई है. यहां पूर्व मेयर गौरव गोयल ने बीजेपी को नकार कर कांग्रेस को चुना, इस सीट से भाजपा के विधायक प्रदीप बत्रा हैं, जिन्हें हाल ही में पुष्कर सिंह धामी सरकार में मंत्री बनाया गया है। दोस्तो कांग्रेस का मानना है कि स्थानीय स्तर पर मजबूत चेहरों की एंट्री से इन सीटों पर मुकाबला कड़ा किया जा सकता है इतना ही नहीं है। सितारगंज विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस की नजर है. यहां पूर्व विधायक नारायण पाल को पार्टी में शामिल करने की रणनीति भी महत्तपूर्ण है। वर्तमान में इस सीट से भाजपा के सौरभ बहुगुणा विधायक हैं, जो राज्य सरकार में मंत्री भी हैं। इसके अलावा दोस्तो भीमताल सीट पर भी कांग्रेस सक्रिय नजर आ रही है, जहां बीजेपी के मंत्री राम सिंह कैड़ा के खिलाफ संगठनात्मक समीकरण बदले जा रहे हैं और स्थानीय स्तर पर मजबूत चेहरों को साधा जा रहा है। कांग्रेस सिर्फ इन चार सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है, लेकिन यहां से बीजेपी के लाखन सिंह नेगी को लेकर क्या कहेंगे। दोस्तो घनसाली और रुद्रपुर में भी कांग्रेस करेगी खेल घनसाली से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य और रुद्रपुर से भाजपा के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के भी कांग्रेस में क्या कमाल करेंगे। दोस्तो इस ज्वाइनिंग से कांग्रेस को कई सीटों पर सीधा फायदा मिल सकता है और पार्टी का संगठनात्मक ढांचा और मजबूत होगा। दोस्तो एक तरफ जहां कांग्रेस आगामी चुनाव में बीजेपी को मात देने के लिए रणनीति बना रही है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इसे गंभीरता से लेती हुई नजर नहीं आ रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस का यह मिशन मिनिस्टर जमीनी स्तर पर कितना असर दिखा पाता है और क्या यह रणनीति भाजपा को वास्तव में नुकसान पहुंचा पाएगी या नहीं, आगामी चुनावों में इसका असर साफ तौर पर देखने को मिलेगा।