मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए ‘उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना’ को मंजूरी दी गई। इस नई योजना के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लाभार्थियों को 5% अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी, जबकि एक ही परिवार के दो सैनिक भी इसका फायदा ले सकेंगे। Uttarakhand Cabinet Meeting करीब तीन घंटे चली इस बैठक में कुल 16 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने इस योजना को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के पूरक के रूप में लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे सैन्य पृष्ठभूमि वाले युवाओं को आर्थिक मजबूती मिल सके। इसके अलावा बैठक में गेहूं खरीद नीति, ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए ब्याज में छूट और मुफ्त बिजली योजना से जुड़े फैसलों को भी मंजूरी दी गई, जिन्हें प्रशासनिक और आर्थिक सुधार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बड़े फैसलों पर एक नजर
न्यायिक अधिकारियों को ई-व्हीकल पर राहत: कैबिनेट ने न्याय विभाग के तहत न्यायिक अधिकारियों को वाहन खरीद के लिए रियायती ऋण देने का फैसला लिया है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 4% और अन्य वाहनों पर 5% ब्याज दर में छूट दी जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देना और सरकारी तंत्र में ई-व्हीकल की हिस्सेदारी बढ़ाना है।
वन विभाग में सेवा अवधि की शर्त कम: वन विभाग में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पद के लिए अर्हता में बदलाव किया गया है। अब इस पद के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष कर दी गई है। इससे विभाग में पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे और प्रशासनिक ढांचे में तेजी आने की उम्मीद है।
मुफ्त बिजली योजना में सब्सिडी का दायरा तय: प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना के तहत 31 मार्च 2025 तक जिन उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन लगाए जा चुके हैं, उन्हें सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया है। इससे लाभार्थियों को सीधे राहत मिलेगी और योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
गेहूं खरीद नीति को मंजूरी: राज्य सरकार ने वर्ष 2025 के लिए गेहूं खरीद नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 2585 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा। कुल 2.2 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिलेगा।
पूर्व सैनिकों के लिए ‘वीर उद्यमी योजना’: कैबिनेट ने ‘उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना’ को नई योजना के रूप में मंजूरी दी है, जिसे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के पूरक के तौर पर लागू किया जाएगा। यह योजना पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेगी। एक ही परिवार के दो सैनिकों को भी इसका लाभ मिलेगा और लाभार्थियों को 5% अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी।
कैबिनेट के अन्य अहम फैसले…
- PWD प्रोजेक्ट को मंजूरी- ADB के तहत ब्रिज इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट में 1 करोड़ रुपए से अधिक की कंसल्टेंसी को मंजूरी।
- उच्च शिक्षा में बड़ा फैसला- स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के परिनियमों को निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत स्वीकृति।
- होमगार्ड्स नियमावली में संशोधन- होमगार्ड समूह ‘ख’ सेवा संशोधन नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी।
- पुलिस को हाईटेक ट्रेनिंग- फॉरेंसिक, साइबर और IT प्रशिक्षण के लिए NIELIT के माध्यम से विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएंगे।
- भर्ती आयु सीमा में राहत- नई आयु सीमा 2028 के बाद लागू होगी, अभ्यर्थियों को 3 साल की राहत दी गई।
- SI भर्ती में संशोधन- उपनिरीक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों को दोबारा मौका मिलेगा, जबकि जहां हाइट बढ़ाई गई थी वहां पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी।
- शिक्षकों के प्रमोशन पर कमेटी- एडेड स्कूल शिक्षकों की पुरानी सेवा को प्रमोशन में मान्यता देने के लिए मंत्री उपसमिति बनेगी।
- मंडी शुल्क यथावत- गेहूं और धान की खरीद पर 2% मंडी शुल्क जारी रहेगा।
- पूर्व सैनिकों को आरक्षण- स्वरोजगार योजनाओं में पूर्व सैनिक और अग्निवीरों को 10% आरक्षण मिलेगा।
- परिवार को भी फायदा- पति-पत्नी दोनों पूर्व सैनिक/अग्निवीर होने पर दोनों को योजना का फायदा मिलेगा।
- सेतु आयोग को मंजूरी- राज्य योजना आयोग की जगह बने सेतु आयोग के ढांचे और कार्यक्षेत्र को स्वीकृति।
- सरकारी संपत्ति वसूली कानून लागू करने की तैयारी
- साल 2025 में बनाए गए सरकारी संपत्ति वसूली अधिनियम को लागू करने के लिए नियमावली तैयार करने को मंजूरी दी गई है। इसके लागू होने के बाद सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली की प्रक्रिया और अधिक सख्त और व्यवस्थित हो सकेगी।