देहरादून: उत्तराखंड से आज की बड़ी खबर सामने आरही है। चर्चित आइएफएस अधिकारी किशनचंद पर अब विजिलेंस ने शिंकजा कस लिया है। आइएफएस किशनचंद पर एकीकृत उत्तर प्रदेश के जमाने से ही कई आरोप लगते रहे हैं। पूर्व में भी उनके खिलाफ अवैध कटान और वन्य प्राणियों की ट्राफी अपने पास रखने के आरोप लगे। विजिलेंस जांच के बाद कई सबूत सामने आए।
इन मामलों में विजिलेंस ने प्रारंभिक जांच कर शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की पुष्टि करते हुए शासन से इसकी खुली जांच की अनुमति मांगी थी। सरकार ने शनिवार को इनके खिलाफ मुकदमे की अनुमति विजिलेंस को दे दी। सूत्रों के अनुसार इसमें पूर्व आईएफएस किशनचंद सहित करीब छह-सात वन अफसर और कर्मचारी भी शामिल होंगे।
एफआईआर विजिलेंस सेक्टर हल्द्वानी में दर्ज होगी। जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित कुछ अन्य धाराएं भी लगेंगी। कुछ लोगों को सह अभियुक्त भी बनाने की तैयारी है। विजिलेंस ने दो अगस्त को जांच पूरी कर मुकदमे की अनुमति के लिए सरकार को फाइल भेजी थी। जिस पर सरकार ने भी तेजी दिखाते हुए शनिवार को ही अनुमति दे दी। विजिलेंस जांच में भ्रष्टाचार, सरकारी धन के दुरुपयोग और अवैध निर्माण सहित कई आरोप सही पाए गए हैं। अब मुकदमे के बाद इसकी विस्तृत जांच होगी। निदेशक विजिलेंस अमित सिन्हा ने अनुमति मिलने की पुष्टि की है।