आपने कहा था सब कुछ हो जाएगा सड़क बन जाएगी आप क्या देख रहे हैं? आपने हमारी सड़क क्यों फंसाई? बदमाश ठेकेदारों का काम दिया पोखरी मेरे गांव की सड़क बुलंदशह के ठेकेदारों को दी तो क्या मिलता। लाओ यहां पर मै धरने पर बैठ गया सड़क बनाओ काम बंद क्यों हो गया? मै पेट्रोल लेकर जाउंगा शिवराज सिंह चौहान जी के यहां पर भी और वहां छिंड़क लूंगा आपने ऊपर। 2017 से काम छूटा हुआ है अभी वो ऑडर नहीं मिला है 50 बार कह दिया आपदा से सड़क कट रही है पूरा गधेरा गांव की तरफ आ गया। जब बरसात हो रही थी जब बादल फट रहे थे तब क्यों नहीं आए आप वहां देखने के लिए हम तो अनपढ़ आदमी हैं हमारी सड़क लाओ। इन्होंने घोटाला कर दिया है सारा पैसा खा दिया है और पैसे कमी वहां कभी नहीं थी। साहब हमारी सड़क पर काम लगना चाहिए, सदन खत्म नहीं होगा मै यहीं बैठा हूं।जब आवाज़ दबाई जाती है, तो ज़मीन ही मंच बन जाती है। जी हां दोस्तो आज बात एक ऐसे ग्राम प्रधान की, जिसने सिस्टम को सीधी चुनौती दे दी। जब तक सड़क ठीक नहीं हो जाती, ज़मीन पर बैठा रहूंगा—ये शब्द हैं उस ग्राम प्रधान के, जो अपनी गांव की टूटी सड़क, रुके काम और कथित घोटाले के विरोध में धरने पर बैठ गया। आरोप सुनेंगे तो दंग रह जाएगे आप भी कैसे एक ग्राम प्रधान बीच बैठक में सिस्टम से भिड़ गया क्या है मामला।
दोस्तो आरोप है कि 2017 से सड़क का काम अधूरा है, ठेकेदार बदल दिए गए, पैसा खर्च दिखा दिया गया, लेकिन ज़मीनी हकीकत जस की तस है। प्रधान का गुस्सा इतना बढ़ा कि उन्होंने पेट्रोल लेकर बड़े नेताओं तक जाने की चेतावनी दे डाली क्या सच में विकास की सड़क कहीं फाइलों में फंस गई है? क्या ठेकेदारों और विभागीय लापरवाही ने गांव को संकट में डाल दिया है? दोस्तो चमोली जनपद के पोखरी विकासखंड में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर बीडीसी की बैठक में जनप्रतिनिधियों आक्रोश फूट पड़ा लंबे समय से सड़कों की बदहाली को लेकर जनप्रतिनिधि आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी बात पर सुनवाई न होने के कारण उनका गुस्सा अधिकारियों पर उतरा। दस्तो पोखरी विकासखंड में बीडीसी की बैठक आयोजित की गई। जिसमें जौरासी-तोणजी-किमोठा मोटर मार्ग की दुर्दशा का मुद्दा भी उठा। इस मुद्दे पर बात करते-करते ग्राम किमोठा के ग्राम प्रधान हरिकृष्ण किमोठी भड़क गए और जमीन पर बैठकर नाराजगी जताई। जी हां दोस्तो ये हैं ग्राम प्रधान हरिकृष्ण किमोठी। इनका कहना है कि लंबे समय से सड़क की हालत बेहद खराब है। सड़क की बदहाली के कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। दोस्तो ग्राम प्रधान के विरोध और हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए प्रभावित भी हुई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक इस सड़क पर मरम्मत या निर्माण कार्य शुरू नहीं हो जाता, तब तक वह हर बैठक में इसी तरह जमीन पर बैठकर विरोध दर्ज कराते रहेंगे।
दोस्तो ग्राम प्रधान के इस कदम को वहां मौजूद अन्य जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का भी समर्थन मिला। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क खराब होने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया है, जिससे क्षेत्र के विकास पर भी असर पड़ रहा है। दोस्तो आपने कहा था सब कुछ हो जाएगा सड़क बन जाएगी आप क्या देख रहे हैं? आपने हमारी सड़क क्यों फंसाई? बदमाश ठेकेदारों का काम दिया। पोखरी मेरे गांव की सड़क बुलंदशह के ठेकेदारों को दी तो क्या मिलता लाओ यहां पर मै धरने पर बैठ गया सड़क बनाओ काम बंद क्यों हो गया? मै पेट्रोल लेकर जाउंगा शिवराज सिंह चौहान जी के यहां पर भी और वहां छिंड़क लूंगा आपने ऊपर। 2017 से काम छूटा हुआ है अभी वो ऑडर नहीं मिला है 50 बार कह दिया आपदा से सड़क कट रही है पूरा गधेरा गांव की तरफ आ गया। जब बरसात हो रही थी जब बादल फट रहे थे तब क्यों नहीं आए आप वहां देखने के लिए हम तो अनपढ़ आदमी हैं हमारी सड़क लाओ इन्होंने घोटाला कर दिया है। सारा पैसा खा दिया है और पैसे कमी वहां कभी नहीं थी। साहब हमारी सड़क पर काम लगना चाहिए। सदन खत्म नहीं होगा मै यहीं बैठा हूं। दोस्तो मामले को लेकर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सड़क की स्थिति का जल्द निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिस पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी की ओर से जांच और कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्राम प्रधान शांत हुए तो सवाल अब सिर्फ एक सड़क का नहीं है सवाल है भरोसे का क्या गांव की आवाज़ को धरने पर बैठकर ही सुना जाएगा? क्या 2017 से अटकी फाइलें अब जमीन पर उतरेंगी? या फिर यह आक्रोश भी आश्वासनों की भीड़ में खो जाएगा?एक ग्राम प्रधान का यह आंदोलन सिस्टम के लिए चेतावनी है—विकास कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग कब जागते हैं और गांव तक सड़क कब पहुंचती है।फिलहाल ग्राम प्रधान अपने संकल्प पर डटे है और हम इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए हैं।