Dehradun बवाल में हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी!। Umesh Sharma Kau। BJP MLA । CM Dhami। Uttarakhand News

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देहरादून के ननूरखेड़ा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हड़कंप मच गया है विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों पर कथित हमले के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए मामले में शामिल हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर लिया है। Education Officer Assaulted वहीं, पूरे प्रकरण से गुस्साए शिक्षा विभाग के कर्मचारी धरने पर बैठ गए हैं और चार लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद तेज़ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं क्या जल्द ही सभी आरोपियों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा, या यह विवाद और तूल पकड़ेगा? दोस्तो देहरादून में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों ने निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर जानलेवा हमला किया, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा आम लोग तो हैरान थे ही, बीजेपी वाले भी परेशान दिखाई देने लगे। दोस्तो पुलिस पर दबाव इस बात को लेकर कि वो आरोपियों पर जल्द जल्द से कार्रवाई का बात तो बीजेपी विधायक से शुरू हुई थी, लेकिन विधायक को छोड़ बांकी लोगों की गिरफ्तारियां होनी शुरू हो गई। दोस्तो पुलिस ने विधायक समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए धरना शुरू कर दिया है। वे विधायक और हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

एसएसपी परमेंद्र डोबाल ने बताया कि हमले में शामिल एक हिस्ट्रीशीटर भी था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है, फिलहाल चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इधर द्सोत विधायक के सुरक्षाकर्मी कांस्टेबल सुशील रमोला ने भी विधायक के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करने का दावा किया है। दोस्तो प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कार्यालय में सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना में शामिल हिस्ट्रीशीटर समेत 4 आरोपियों को थाना रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज गया है। दोस्तो पुलिस का कहना है कि घटना में पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों, प्राप्त साक्ष्यों और वीडियो फुटेजों के आधार पर घटना में शामिल आरोपियों की पहचान की जिसमें हिस्ट्रीशीटर अरविंद पुंडीर उर्फ कल्ली समेत लक्ष्मण नवानी, राकेश थपलियाल और अक्षय राणा को गिरफ्तार किया है। साथ ही पुलिस द्वारा चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। यहां दोस्तो इस पूरे काड में बीजेपी के विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों पर आरोप लगे लेकिन बीजेपी विधायक पर अब तक कोई कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है क्योंकि विधायक और उनके सममर्थिकों द्वारा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में निदेशक अजय कुमार नौडियाल से कथित मारपीट व तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं।

पहला मुकदमा पीड़ित निदेशक अजय कुमार नौडियाल की शिकायत पर विधायक और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है, जबकि दूसरा मुकदमा विधायक के गनर की शिकायत पर निदेशालय के कुछ अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किया गया है। दोस्तो बात शनिवार की है जब प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक कार्यालय में विधायक रायपुर उमेश शर्मा काऊ और अन्य साथियों के साथ रायपुर क्षेत्र में बने एक विद्यालय का नाम निशुल्क भूमि दान करने वाले दाताओं के नाम पर रखे जाने के मामले में पहुंचे थे। अन्य व्यक्तियों द्वारा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा से वार्ता की जा रही थी। इस दौरान हुए विवाद में कुछ व्यक्तियों ने निदेशक कार्यालय में अराजकता फैलाते हुए कार्यालय में रखी कुर्सियां और अन्य सामान को इधर-उधर फेंकते हुए तोड़फोड़ की गई। घटना में कार्यालय में मौजूद कुछ लोगों को चोटें आई जिसके बाद घटना के संबंध में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल द्वारा थाना रायपुर में दी तहरीर गई और उसमें संलग्न मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लोक सेवक के कार्यों में बाधा डालकर चोट पहुंचाना, बलवा, सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाना, जान से मारने की धमकी देना और गाली गलौज कर अपमानित करना, बीएनएस की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था। साथ ही संबंधित प्रकरण में ही विधायक उमेश शर्मा काऊ की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल सुशील रमोला द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर चोट पहुंचाना, परिरोध करना, हमला करना और गाली गलौज कर अपमानित करना, बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था तो दोस्तों, देहरादून के ननूरखेड़ा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई यह विवादित घटना अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव का केंद्र बन चुकी है। जहाँ पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अरविंद पुंडीर उर्फ कल्ली समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों पर मामले की गंभीरता को देखते हुए निगरानी और जांच अभी भी जारी है। इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया है और उनके धरने से साफ है कि न्याय और सुरक्षा की मांग अब आवाज़ बनकर गूंज रही है। आने वाले दिनों में यह देखने वाली बात होगी कि पुलिस और प्रशासन विधायक सहित सभी आरोपियों पर कितनी सख्ती दिखाते हैं और क्या इस मामले से शिक्षा प्रशासन और राजनीतिक छवि दोनों पर असर पड़ता है। कुल मिलाकर, यह मामला न्याय, जिम्मेदारी और राजनीतिक दबाव का संगम बनकर अब पूरी तरह से उत्तराखंड की निगाहों के केंद्र में आ गया है।