देहरादून: देर आए पर दुरुस्त आए! बेरोजगार नौजवानों की पीठ पर लाठियां भांजकर ही सही लेकिन धामी सरकार को अहसास तो हुआ कि सख्त नकल विरोधी कानून पर बातें बनाने के बजाय विधानसभा सत्र का इंतजार न कर आगे बढ़ना किस कदर वक्त की मांग है। यह सही है कि पुष्कर सिंह धामी ने दोबारा शपथ लेने के बाद से भर्तियों पर आगे बढ़ने और नकल माफिया पर नकेल कसने का दम भरा और हाकम सिंह रावत जैसों को सलाखों के पीछे भी धकेला। लेकिन यह भी उतना ही कड़वा सच है कि नकल माफिया ने ठीक सीएम धामी की नाक के नीचे और उनके तमाम दावों के बावजूद UKSSSC स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा पेपर लीक कांड की पुनरावृति इसी साल आठ जनवरी को UKPSC द्वारा कराई गई पटवारी लेखपाल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक के जरिए कर डाली। यानी यह नकल माफिया का सरकार और सिस्टम के इकबाल को सीधा सीधा चैलेंज था।
जिसके बाद नकल विरोधी कानून के अध्यादेश को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सहमित दे दी है। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट कर दी है। उन्होंने कहा कि वो नकल माफिया को प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवाओं से किए वादे के अनुरूप उनकी सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोध कानून लाने का फैसला लिया है। बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने बीते दिनों ही उत्तराखंड नकल विरोधी कानून का मंजूरी दी थी, जिसे अध्यादेश को आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सहमित दे दी हैं। उम्मीद की जा रही है कि मार्च में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र में इस बिल को पेश किया जाए और पास होने के बाद कानून का रूप दिया है। धामी से सहमित मिलने के बाद उत्तराखंड नकल विरोधी कानून के अध्यादेश को राज्यपाल गुरमीत सिंह के पास भेजा जाएगा। राज्यपाल की मुहर लगते ही ये अध्यादेश जारी कर दिया जाएगा।