चीन की नई साजिश! ब्रह्मपुत्र नदी पर बना रहा सुपरबांध, जाने कैसे उत्तराखंड में आ सकती है तबाही?

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देहरादून: पड़ोसी देश चीन भारतीय सीमा से सटे अपने इलाकों में लगातार निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है और अपनी कुटिल चालों से लगातार भारत को परेशान करने की कोशिश करता रहा है। द इंटेल लैब के विश्लेषक डेमियन साइमन ने ट्वीट कर चीन के इस हरकत का खुलासा किया है कि तिब्बत में भारत की सीमा के करीब अब चीन तेजी से नया डैम बना रहा है। तिब्बत में चीन माब्जा जैंगबो नदी के किनारे नया डैम बना रहा है। जो ना सिर्फ भारत बल्कि नेपाल के लिए चिंता का विषय है। इस डैम निर्माण की सैटेलाइट तस्वीर भी सामने आई है। यह नया डैम ट्राई जंक्शन से उत्तर की 16 किलोमीटर दूर है और उत्तराखंड के कालापानी क्षेत्र के विपरीत में स्थित है।

जानकार मानते हैं कि ये जगह उत्तराखंड के कालापानी से नजदीक रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण जगह पर बनाया जा रहा है और इसका इस्तेमाल पानी स्टोर करने के लिए किया जा सकता है। यहां से अचानक पानी छोड़ने की स्थिति में नीचे की जगहों पर बाढ़ की स्थिति पैदा होने का खतरा हो सकता है। हाल के वर्षों में, चीन ने यारलुंग जंग्बो नदी पर कई छोटे बांध बनाए हैं, जिससे उत्तर-पूर्व में ब्रह्मपुत्र से संबंधित इसी तरह की चिंताएं पैदा हुई हैं। चीन की सरकारी मीडिया ने नवंबर 2020 में खबर दी थी कि यारलंग जांगबो पर एक सुपर बांध बनाया जाएगा जो एक पनबिजली परियोजना होगी और राष्ट्रीय सुरक्षा के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण होगी।

रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने LAC के पास अब तक निर्जन हिस्सों में दर्जनों गांवों का निर्माण किया है, विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य विवादित सीमा के साथ क्षेत्र के अपने दावे को मजबूत करना है। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) के सीनियर फेलो समीर पाटिल ने कहा कि स्पष्ट तौर पर ये बांध नदी पर बने मौजूदा ढांचों को और मजबूत करने की चीन की कोशिश है। इससे पहले चीन ऐसा ही यारलंग जांगबो नदी पर कर चुका है। उन्होंने कहा, तिब्बत की नाजुक पारिस्थितिकी को देखते हुए, यह निश्चित रूप से भारत की जल सुरक्षा के लिए प्रभाव डालने वाला है और पहले से ही तनावपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ा देगा।