उत्तराखंड के CISF जवान दीपक काठमांडू में शहीद, मासूम बच्ची के सिर से उठा पिता का साया

Spread the love

रामनगर: पहाड़ के एक और लाल ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का निर्वहन करते हुए देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। रामनगर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम ढेला निवासी 30 वर्षीय दीपक अधिकारी सीआईएसफ में काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास में तैनात था। तीन दिन पूर्व उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। जवान के निधन की सूचना दूतावास के अधिकारियों ने उनके परिजनों को दी।

इस खबर की सूचना मिलते ही जवान के पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। ढ़ाई साल के मासूम के सिर से पिता का साया उठ गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के ढेला गांव निवासी दीपक अधिकारी, सेंट्रल इंडस्ट्रीयल सिक्योरिटी फोर्स यानी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में कार्यरत थे। 5 साल पहले उनकी शादी हुई थी और उनका ढाई साल का एक बेटा है। काठमांडू में दीपक की तैनाती करीब 2 साल पहले हुई थी।

फिलहाल अभी तक जवान की मौत का वास्तविक कारण पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। दूतावास से आए जवानों ने शव को तिरंगे में लपेटकर पुष्प चक्र अर्पित करते हुए सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। उनके अवास रामनगर के ग्राम ढेला में मृतक जवान का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक दीपक अपने पीछे ढाई वर्ष के मासूम बेटे के साथ ही पत्नी हिमानी एवं अन्य परिजनों को रोते बिलखते छोड़ गए हैं। आगामी सितंबर महीने में उनका तबादला देहरादून होना था। लेकिन उससे पहले ही दीपक की मृत्यु हो गई।