पहाड़ों में बरस रही आसमानी आफत से हाल बेहाल हैं। उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र के नुराणु गांव में बादल फटने और अतिवृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। Cloud Burst In Nuranu Village अतिवृष्टि से 24 से अधिक आवासीय भवनों में मलबा एवं पानी घुसने से ग्रामीणों के रसोई, कुठार व अन्य घरेलू सामानों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं कई स्थानों पर भू-धंसाव के कारण आवासीय बस्ती को भी खतरा बना हुआ है। मोटर मार्ग भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने के कारण गांव के संपर्क मार्ग तहसील मुख्यालय से कट गया है। निवर्तमान प्रधान कृष्णा नेगी, बालचंद नेगी, सतपाल नेगी, दुधा सिंह, मोहन लाल, ठाकुर सिंह आदि ने बताया कि बीती बुधवार रात में अतिवृष्टि के कारण सेब के बागीचों के साथ ही कोठार रसाई और भवन को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि देर रात में गांव में अलग-अलग स्थानों में एक साथ पानी को तेज बहाव आने के कारण कई हेक्टेयर भूमि सेब के बागीचे बह गए। ग्रामीणों ने कहा कि सेब उनकी आजीविका मुख्य साधन है। उन्होंने शासन और प्रशासन से आपदा की भरपाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक नुकसान सेब को हुआ है। इनमें कई ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनका हर वर्ष लाखों की लागत से सेब मंडियों तक पहुंचता है। वहीं, मामले में डीएम प्रशांत आर्य ने बताया राजस्व सहित उद्यान विभाग की एक संयुक्त टीम बनाकर गांव में पहुंचकर नुकसान का आंकलन कर रही है।