देहरादून: उत्तराखंड में चार नवंबर को लोकपर्व इगास पर अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी घोषणा पहले ही कर दी थी जिसके बाद मंगलवार को शासन ने सार्वजनिक अवकाश का आदेश भी जारी कर दिया। ज्ञात हो कि इगास पर अवकाश का ऐलान खास अंदाज में करते हुए सीएम धामी ने गढ़वाली में ट्वीट कर कहा था,”आवा! हम सब्बि मिलके इगास मनोला, नई पीढ़ी ते अपणी लोक संस्कृति से जुड़ोला। लोकपर्व इगास हमारु लोक संस्कृति कु प्रतीक च। ये पर्व तें और खास बनोण का वास्ता ये दिन हमारा राज्य मा छुट्टी रालि, ताकि हम सब्बि ये त्योहार तै अपणा कुटुंब, गौं मा धूमधाम से मने सको। हमारि नई पीढ़ी भी हमारा पारंपरिक त्यौहारों से जुणि रौ, यु हमारु उद्देश्य च।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंडवासियों से एक खास अपील की है। सीएम ने लोक पर्व इगास पर अपनों को स्थानीय उत्पादों से निर्मित गिफ्ट देकर अपने पारंपरिक व्यंजनों तथा अन्य उत्पादों को प्रोत्साहित करने की अपील की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित केम्प कार्यालय में बेडू ग्रूप के सदस्यों ने स्थानीय उत्पादों की सामग्री के साथ सीएम धामी से मुलाकात की और इगास पर्व पर राजकीय अवकाश घोषित किये जाने पर उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने बेडू ग्रुप के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वोकल फ़ॉर लोकल मुहिम की सार्थकता बताया।
उन्होंने कहा कि इगास पर्व की सार्थकता तभी है जब हम इस पर्व को अपनी संस्कृति, प्रकृति और उत्पादकता से जोड़ें। हमें इगास पर्व को उत्पादकता से जोड़ना होगा। इससे हमारे पारम्परिक व्यंजनों को प्रचार एवं पहचान भी मिलेगी और नई पीढ़ी का इन व्यंजनों से भी परिचय हो सकेगी। सीएम ने कहा कि इसके साथ ही पारंपरिक बाल मिठाई, सिंगोरी सहित अन्य मिठाइयों से एक-दूसरे का मुंह मीठा करें तो इससे अच्छी बात कुछ और नहीं हो सकती। इससे ना सिर्फ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि इससे जुड़े लोगों की आर्थिकी भी मजबूत होगी।