देहरादून: शासन द्वारा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। यानी धामी सरकार ने कहीं न कहीं बडोनी पर लगातार बेरोजगार युवाओं द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की रोशनी में यह बड़ा एक्शन लिया है। लेकिन युवा पूछ रहे कि कहीं यह बडोनी को बचाने के लिए हटाकर लीपापोती का मामला तो नहीं हैं? आयोग के सचिव संतोष बडोनी पर लग रहे तमाम आरोपों के बाद हटाकर संयुक्त सचिव सुरेंद्र रावत को UKSSSC के सचिव का प्रभार सौंप दिया है। संतोष बडोनी पर जब शासन का हंटर चला है ठीक उसी दौरान उत्तराखंड एसटीएफ ने यूकेसीएसएससी पेपर लीक स्कैम में नकल माफिया गिरोह के अहम सूत्रधार तनुज शर्मा को धर दबोचा है।
एसटीएफ ने शासकीय इंटरमीडिएट कॉलेज नेटवाड,मोरी, उत्तरकाशी में तैनात शिक्षक तनुज शर्मा को दबोचा है जिसने पुलिस के सामने कई राज खोल दिए हैं। यानी एक तरफ युवा मुख्यमंत्री ने शासन स्तर पर निर्देश देकर तमाम आरोपों के चलते पूरे अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को ही कटघरे में खड़ा करा चुके सचिव संतोष बडोनी को नपवा दिया है तो दूसरी तरफ एसटीएफ को फ्री हैंड देकर बेरोजगार युवाओं के सपनों का सौदा करने वाले नकल माफिया को नेस्तनाबूत करने का जिम्मा सौंप दिया है। उत्तराखंड एसटीएफ UKSSSC Paper Leak Scam में जबरदस्त काम कर रही है और अगर पुलिस के हाथ मुख्यमंत्री धामी ने ऐसे ही खुले रखे तो करप्शन के खिलाफ़ लड़ाई में चैंपियन होंगे क्योंकि एसटीएफ उन तमाम चेहरों को बेनकाब करने में न केवल सक्षम है बल्कि जिस रफ्तार से जांच आगे बढ़ रही है वह तमाम आरोपियों की गर्दन के बेहद करीब है।
भर्ती घोटाले के भंडाफोड़ के बाद पहले अध्यक्ष पद से रिटायर्ड नौकरशाह एस राजू ने नैतिकता का तकाजा बताकर इस्तीफा दिया और अब आज शासन ने सचिव पद से संतोष बडोनी की छुट्टी कर दी है। लेकिन इस लड़ाई को अंजाम तक ले जाने की मुहिम में लगे उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पवार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की है,”इस्तीफे और स्थानांतरण से काम नहीं चलेगा। UKSSSC के अध्यक्ष रहे एस राजू और सचिव संतोष बडोनी के पिछले दो साल की कॉल डिटेल्स का ब्यौरा निकाला जाए ताकि पता चल सके कि वे कैसे और क्या क्या काम अंजाम दे रहे थे। इसके बिना एसटीएफ की जांच अधूरी मानी जाएगी।”