उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ‘हिम प्रहरी’ योजना शुरु करने वाली है। इस योजना के तहत 10 हजार सेवानिवृत जवानों, पैरामिलिट्री से रिटायर्ड सैनिक सहित युवाओं को योजना से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘हिम प्रहरी’ योजना से जुड़े सभी को जरूरी प्रशिक्षण देने के बाद बॉर्डर एरिया में तैनात किया जाएगा, ताकि बाहरी आक्रमण की स्थिति में ‘हिम प्रहरी’ दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे सकें। सीएम धामी ने कहा कि इसके लिए प्रतिमाह 5 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसकी सीएम धामी ने केंद्र सरकार से मांग की है। सीमाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के 10 हजार सेवानिवृत्त सैनिकों, अर्द्धसैनिकों एवं युवाओं को सीमा सुरक्षा के सम्बन्ध में प्रशिक्षित कर उन्हें राज्य के सीमान्त जिलों में तैनात किये जाने हेतु हम “हिम प्रहरी” योजना पर काम कर रहे है, जिसमें 05 करोड़ रूपये प्रतिमाह का सहयोग केन्द्र सरकार से अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा की दृष्टि से राज्य सरकार द्वारा राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन सम्बन्धी गतिविधियों में वृद्धि हेतु इनर लाईन प्रतिबन्धों पर छूट प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में हमने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है। धामी ने आंतरिक सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड की तैयारी का खाका पेश किया। धामी ने कहा कि सीमान्त गांव देश के प्रथम प्रहरी हैं और इनका समुचित विकास करना सरकार का कर्तव्य है। इन क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय युवाओं को एनसीसी से जोड़ने का अभियान चल रहा है।
सीएम धामी ने कहा कि आन्तरिक सुरक्षा के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न संगठनों की अवैध गतिविधियों, पर कड़ी नजर रखते हुये उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा राज्य में धार्मिक उन्माद एवं कट्टरपन्थी गतिविधियों को हतोत्साहित करने के क्रम में राज्य में अतिवामपन्थी एवं माओवादी गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से नियन्त्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा राज्य की आन्तरिक सुरक्षा से सम्बन्धित चुनौतियों का भी दृढ़ता से सामना कर उन पर प्रभावी नियन्त्रण स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। देश के कई महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील केन्द्रीय प्रतिष्ठान तथा कार्यालय राज्य में स्थित है, जिनकी सुरक्षा का प्राथमिक दायित्व राज्य सरकार पर है।