जोशीमठ में हर घंटे बिगड़ रहे हालात को लेकर कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उत्तराखंड की धामी सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव ने जोशीमठ मामले को लेकर सरकार से कई मांगे की। इस दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि देवस्थल जोशीमठ में घर, मंदिर टूट रहे हैं और शिवलिंग में दरार आ गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने संज्ञान तब लिया जब सब कुछ टूट गया। इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यूपीए सरकार पर्यावरणविदों का संज्ञान लेती थी लेकिन मौजूदा सरकार ऐसा नहीं करती है। जोशीमठ में टाइम बम लगा हुआ है।
आदि शंकराचार्य जी की तपोभूमि जोशीमठ में मंदिरों, घरों और सड़कों में दरारें आ गईं हैं।
बाजार बंद हैं, परिवार उजड़ रहे हैं, लोगों में डर है।
लेकिन TV पर ब्रेकिंग न्यूज आती है कि 'PM मोदी ने संज्ञान ले लिया है।'
:@PawanKhera जी pic.twitter.com/4WIuiq4ZAk
— Congress (@INCIndia) January 9, 2023
जोशीमठ को लेकर कांग्रेस ने कुछ मांगें भी की जिसमें उन्होंने कहा कि जोशीमठ मामले को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। पांच हजार रुपये का मुआवजा क्रूर मजाक है। यह मानव निर्मित आपदा है, जिस सुरंग को कारण बताया जा रहा है उसका काम बंद हो। इस त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करें और जोशीमठ शहर के विस्थापितों की मुआवजा राशि प्रधानमंत्री राहत कोष से दी जाए और प्रत्येक परिवार को राज्य सरकार 5000 रुपए दे पर मोदी सरकार भी उचित मुआवजा दे।
इस मानव रचित आपदा के लिए जिम्मेदार सुरंग को बंद किया जाए और जो बंद किए गए लोहारीनाग-पाला और पाला-मनेरी परियोजना की सुरंगे हैं। उनको भरने का कार्य उचित अध्यन के बाद तत्कालीन प्रभाव से शुरू किया जाए। रेलवे का कोई भी कार्य जिसमें पर्वतीय आपदा का खतरा हो उसे बंद किया जाए और उसका गहरा अध्ययन कर ही कार्यों को चरणबद्ध तरह से मंजूरी दी जाएं। बिना सोचे समझे, बिना प्रकृति की सुरक्षा किए जो मोदी सरकार ने अनियंत्रित “विकास” किया है, उसका खामियाजा आज जोशीमठ की जनता भुगत रही है।