Uttarakhand Congress: आपदा से गढ़वाल के तीन जिलों में आफत आई है। बारिश के कारण आपदा में अब तक पांच लोगों के शव बरामद कर लिये गये हैं, 13 अभी भी लापता। आपदा के बाद तमाम राजनीतिक दलों के लोग ग्राउंड जीरो पर जाकर हालातों का जायजा भी ले रहे हैं। वहीं, अब विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कहा आपदाग्रस्त क्षेत्र में अतिक्रमण हुआ था। उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
आज पांच दिन बीत जाने के बाद भी शव रिकवर नहीं हो पाये हैं। उन्होंने कहा जब बीजेपी को हाईलाइट करने के लिए कोई कार्यक्रम करना होता है तब MI-17 हेलीकॉप्टर उपलब्ध हो जाता है, लेकिन इतनी भीषण आपदा आई। ऐसे में जब वहां पोकलैंड और जेसीबी नहीं जा पा रही थी, तब MI-17 हेलीकॉप्टर की मदद क्यों नहीं ली गई? उन्होंने कहा पहले दिन से ही वहां पका भोजन दिया जा रहा है, जबकि उन्हें कच्चा राशन दिया जाना चाहिए था। क्योंकि वहां ऐसी स्थिति है कि ना उनके पास अनाज बचा है और ना उनके लिए पीने योग्य पानी है। आपदाग्रस्त क्षेत्र के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
वही यूकेएसएसएससी पेपर लीक घपले के बीच कांग्रेस ने पूर्व अध्यक्ष आरबीएस रावत के कार्यकाल की भी उच्च स्तरीय जांच की मांग की। माहरा ने कहा कि इस मामले में वर्ष 2017-18 में सरकार ने विधानसभा के भीतर आंशरसीट में टैपरिंग पाने की बात स्वीकारते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की थी। परीक्षा तो रदद जरूर कर दी गई, लेकिन दोषियों को सरकार ने बचा लिया। माहरा ने कहा कि इस बात की पूरी आशंका है कि पुराने रिश्तों को भुनाते हुए हाकम ने तब भी परीक्षाओं में निसंदेह सेंध लगाई होगी। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच जरूरी है। माहरा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अनुरोध किया कि यदि वास्तव में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है तो वर्ष 2016 से भर्ती घोटाले की जांच की जाए। माहरा ने अग्निवीर भर्ती योजना पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा उठाए सवालों का भी स्वागत किया। कहा कि अग्निवीर योजना विकास नहीं बर्बादी की योजना है। इसमें पहाड़ के युवाओं से छल किया जा रहा है।