देहरादून: उत्तराखंड में सीएम धामी ने हादसों को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सीएम ने कैबिनेट मंत्रियों को चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, टिहरी एवं पौड़ी के चारधाम यात्रा मोटर मार्ग पर चिह्नित 77 अतिसंवेदनशील स्थलों पर क्रेश बैरियर लगाए जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में कैबिनेट मंत्री लोक निर्माण विभाग सतपाल महाराज और कैबिनेट मंत्री परिवहन विभाग चंदनराम दास को पत्र लिखकर चिह्नित संवेदनशील स्थलों पर दो चरणों में क्रैश बैरियर लगाने के लिए कहा है।
प्रदेश में चारधाम यात्रा मार्ग पर इस साल सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। पुलिस, परिवहन व लोक निर्माण विभाग के सर्वे में चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी एवं पौड़ी जिले के चारधाम यात्रा मार्गों पर दुर्घटना के लिहाज से 77 अतिसंवेदनशील क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका संज्ञान लेते हुए ये बडा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली क्षति की रोकथाम एवं दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को गहरी खाई में गिरने से बचाने हेतु क्रेश बैरियर लगाये जाने की नितान्त आवश्यकता है। चारधाम यात्रा मार्ग पर अभी भी कई ऐसे अति संवेदनशील स्थल मौजूद हैं, जहाँ 02 क्रेेश बैरियर के मध्य काफी फासला है, जो कि उक्त दुर्घटनाओं को रोकने में अपर्याप्त हैं।
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री लोक निर्माण विभाग सतपाल महाराज और कैबिनेट मंत्री परिवहन विभाग चंदनराम दास को इन अतिसंवदेनशील स्थलों में से शीर्ष-10 स्थलों पर शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर प्रथम फेस में 10 क्रैश बैरियर लगवाने और बाद में शेष 67 स्थलों पर भी क्रैश बैरियर लगवाने के लिए अपने स्तर से तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है। बता दें कि हाल ही में यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर डामटा रिखाऊं खड्ड के पास दर्दनाक हादसे में एक बस के खाई में गिरने के बाद मध्य प्रदेश के 26 लोग हादसे का शिकार हो गए थे। इसके बाद से ही सड़क दुर्घटनाओं के रोकथाम के प्रयास शुरू किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली क्षति की रोकथाम और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को गहरी खाई में गिरने से बचाने के लिए क्रेश बैरियर लगाये जाने की नितान्त आवश्यकता है।