उत्तराखंड में गैस कालाबाजारी के खेल का बड़ा खुलासा हुआ है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए गैस माफिया पर सख्त शिकंजा कसा है। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं और पूरे मामले में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर दी गई है। Gas Cylinder Black Marketing दोस्तो ऐसा कैसे हो सकता है एक तरफ सरकार का दावा प्रशाशन ये दम भर रहा है कोई परेशानी वाली बात नहीं फिर एक तरफ लोगों की लग रही कतार। दूसरी तरफ हो रही बड़ी कार्रवाई क्या कहती है इस पूरी खबर बताउंगा आपको। इस रिपोर्ट में आपको दिखाउंगा कि कैसे प्रशासन ने गैस कालाबाजारी के इस पूरे नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की। दोस्तो बताया जा रहा है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई से गैस के अवैध कारोबार में जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर गैस कालाबाजारी का यह खेल कब से चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं? साथ ही प्रशासन आगे और क्या कार्रवाई करने जा रहा है? दोस्तो ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध की वजह से ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है, लेकिन उत्तराखंड समेत पूरे देश भर में डोमेस्टिक गैस कनेक्शन धारकों को सिलेंडर की पर्याप्त मात्रा में सप्लाई हो रही है। ऐसे में राज्य के भीतर एलपीजी एवं ईंधन की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए से खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अवैध रूप से गैस सिलेंडर का भंडारण या उसकी ब्लैक मार्केटिंग ना की जा सके।
इसी क्रम में 10 मार्च से प्रदेश भर में निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई की जा रही है। मै इस कार्रवाई की खबर बताउं कहां कितने सिलेंडरों की हुई जब्ति कितने लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा। उससे पहले ये बताता हूं कि देहरादून में एलपीजी गैस के अवैध संग्रहण और कालाबाजारी पर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गैस का अवैध भंडारण, कालाबाजारी या अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और बीएनएस के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए सीधे जेल भेजा जाएगा। साथ ही गैस वितरण से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जहां आम लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उधर दोस्तो उत्तराखंड नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के आयुक्त ने कहा कि, उत्तराखंड राज्य में पिछले तीन दिनों यानी 10 मार्च से 12 मार्च के दौरान तमाम जिलों में कुल 280 निरीक्षण किए गए। निरीक्षण के दौरान कुल 58 स्थानों पर छापे मारे की कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान अवैध भंडारण और दुरुपयोग के मामलों में 74 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। साथ ही 4 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। इसके अलावा, कार्रवाई के दौरान 01 काटा (वजन माप उपकरण) और 02 रिफिलिंग किट भी जब्त की गई हैं। यही नहीं, विभाग ने अनियमितताओं पर 4600 रुपए का अर्थदंड भी वसूला है।
दोस्तो यहां प्रशासन का कहना है कि राज्य सरकार, उपभोक्ताओं को तय मूल्य पर गैस एवं ईंधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसे में किसी भी तरह की कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध रिफिलिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील किया है कि अगर कहीं भी एलपीजी या ईंधन से संबंधित अनियमितता, कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके. आयुक्त ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए विभाग की ओर से आगे भी इसी तरह सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। दरअसल दोस्तो ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध की वजह से जनता में एक पैनिक का माहौल है हालांकि कुछ सर्वर इश्यू होने की वजह से भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। बावजूद इसके जनता पैनिक की वजह से गैस भरवाने के लिए गैस एजेंसी पहुंच रहे हैं जबकि वर्तमान समय में गैस की कोई किल्लत नहीं है। इसी बीच गैस सिलेंडर का भंडारण, कालाबाजारी और अवैध रीफीलिंग के भी मामले बढ़ गए हैं। ऐसे में राज्य सरकार के निर्देश पर नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों ने प्रदेश घर में निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई कर रही है।